सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों की भीड़
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कानपुर। केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों में शिक्षक और कर्मचारी भर्ती परीक्षा चल रही है। रविवार शाम दूसरे दिन शहर के 47 केंद्रों से परीक्षा देकर लौटे परीक्षार्थियों का हुजूम सेंट्रल स्टेशन पहुंचा। परीक्षार्थियों ने कई ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच तक में कब्जा कर लिया। आरपीएफ और जीआरपी को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रविवार को प्लेटफार्म नंबर-5 पर प्रयागराज की ओर जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस रुकी तो भीड़ ने रिजर्व कोचों के साथ जनरल कोच में भी कब्जा कर लिया। लोको से सटे जनरल कोच का दरवाजा भीड़ ने अंदर से बंद कर लिया। आरपीएफ ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया। रिजर्व कोच में घुसे परीक्षार्थियों को आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार और जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारयण सिंह ने उतारे। परीक्षार्थियों ने प्रतापगढ़ इंटरसिटी, चौरीचौरा, महानंदा, दरभंगा स्पेशल, आनंदविहार और पनवेल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर भी कब्जा किया।
इसी तरह नेताजी एक्सप्रेस के स्लीपर कोचों में कब्जा कर लिया। इसमें पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कालका से हावड़ा जाने वाली 12312 नेताजी एक्सप्रेस के एस-5 कोच में सफर कर रहे तामीम नाम के यात्री ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कोच में इस कदर भीड़ थी कि 12 घंटे का सफर 30 घंटे जैसा लगा। न हिल पा रहे थे और ना ही ठीक से बैठ सके। कोच में कुछ छात्राएं भी थी जो भीड़ की वजह से शौचालय तक का उपयोग नहीं कर सकीं। यह भीड़ बिना आरक्षण वालों की थी।
झकरकटी में दिखी भीड़
कोहरे में झकरकटी बस अड्डे पर सन्नाटा रहता था लेकिन रविवार को परीक्षार्थियों की वापसी से करीब 19 दिन बाद रौनक दिखी। लखनऊ, फतेहपुर, हमीरपुर, राठ, महोबा जैसे रूटों की ओर बसें फुल होकर गईं। इन रूटों की बसों में परीक्षार्थी खिड़कियों से अंदर गए।