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माफियाओं के हौसले: एसडीएम के ही कब्जे से छह ट्रैक्टर छुड़ाकर भागे माफिया

Sun, 05 Nov 2017 09:09 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल क्या है ये आपको आज इससे पता चल जाएगा कि उरई जिले में माफिया एसडीएम के ही कब्जे से छह ट्रैक्टर छुड़ा कर भाग गए। 
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अवैध मौरंग खनन पर लाख सख्ती के बाद भी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रविवार को एक मौरंग माफिया ने एसडीएम से अभद्रता कर उनके कब्जे से सात ट्रैक्टर छुड़ा लिए। ग्रामीणों के आक्रोशित होने पर माफिया और उसके साथी भाग निकले। इस दौरान एक ट्रैक्टर खेत में फंस गया। माफिया छह ट्रैक्टर ले गया। एसडीएम का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। हालांकि इंस्पेक्टर माधौगढ़ ने आरोप को निराधार बताया है। एएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। 
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मौरंग लाकर माधौगढ़ व रामपुरा के रास्ते से निकाल रहे हैं

डेमो पिक
मौजूदा समय मौरंग घाट बंद होने से माफिया मध्य प्रदेश से मौरंग लाकर माधौगढ़ व रामपुरा के रास्ते से निकाल रहे हैं। रविवार को एसडीएम सौजन्य कुमार विकास को सूचना मिली कि अवैध मौरंग लदे ओवरलोड ट्रैक्टर अकबरपुर से सुरपतपुरा के कच्चे रास्ते से निकाले जा रहे हैं। एसडीएम टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने बीच सड़क अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और ट्रैक्टरों को रोककर थाने में सूचना दी। इस कार्रवाई की सूचना गुर्गों ने मौरंग माफिया को दी। माफिया अपने साथियों के साथ दो स्कॉर्पियो से मौके पर पहुंचा। एसडीएम से अभद्रता करते हुए माफिया और उसके साथियों ने उनकी गाड़ी को धकेलकर हटा दिया। इस दौरान ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीण एसडीएम के समर्थन में आ गए। इस पर माफिया ने मौरंग वहीं पर खाली करवा दिया और ट्रैक्टरों को अपने साथ ले गया। 

एसडीएम का कहना है कि थाना पुलिस को छापामारी के पहले ही सूचना दे दी गई थी। करीब आधा घंटे तक माफिया और उसके साथियों को रोका गया, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि घटना की मौखिक जानकारी जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर को दे दी गई है, एक दो दिन में लिखित शिकायत दे दी जाएगी। उधर, इंस्पेक्टर आरपी सिंह का कहना है कि एसडीएम ने छापे से पहले सूचना नहीं दी। बताया कि सुरपतपुरा में करीब तीस मिनट बाद फोर्स भी पहुंच गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि यदि सूचना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो मामला वाकई गंभीर है। प्रकरण की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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