पीएफआई का नाम सामने आते ही ईडी सक्रिय हो गया। 7 जून को ईडी की एडिशनल डायरेक्टर सोनिया नारंग ने कानपुर पुलिस कमिश्नर से आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी थी। एसआईटी ने हयात, वसी व मुख्तार समेत करीब दस मुख्य आरोपियों का ब्योरा ईडी को भेज दिया है।
यह ब्योरा ईडी को भेजा गया
हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी था। उसके साथ बिल्डर हाजी वसी व उसके बेटे, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, जावेद अहमद, मो. राहिल, मो. सूफियान। पीएफआई के सदस्य सैफुल्लाह, मो. नसीम और मो. उमर का ब्योरा एसआईटी ने तैयार किया। सभी के बैंक खातों की डिटेल, एफआईआर कॉपी, पूछताछ के दौरान दर्ज किए गए बयान और सभी के मोबाइल नंबर ईडी को उपलब्ध कराए हैं।
पीएफआई पर शिकंजा मकसद
ईडी की तरफ से जो पत्र भेजा गया, उसमें स्पष्ट लिखा था कि पीएफआई से संबंधित यदि कोई भी जानकारी हो तो उसे साझा किया जाए। खासकर मनी लॉड्रिंग के बिंदु पर ईडी पहले से ही पीएफआई को लेकर तफ्तीश कर रही है। ऐसे में मकसद पीएफआई पर शिकंजा कसने का है।