कन्नौज के चर्चित बलराम हत्याकांड का पुलिस ने आठ दिन बाद खुलासा कर दिया है। जेसीबी चालक प्रेमी से शादी के लिए तैयार न होने की आशंका में बहन ने बलराम की हत्या की साजिश रची थी। निचली गंग नहर किनारे प्रेमी और उसके साथी संग मिलकर बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया था।
हत्या के बाद बाइक और शव नहर में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी किशोरी ने बताया कि उसने भाई के सीने में सात बार चाकू घोपा था। प्रेमी ने 11 वार कर गला रेता था। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गसीमपुर निवासी बलराम यादव (28) पुत्र लायक सिंह 15 सितंबर की सुबह छह बजे 16 वर्षीय बहन को बाइक से दवा दिलाने जा रहा था।
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तभी उसकी हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने हत्या का खुलासा किया। बलराम की हत्या की साजिश उसकी बहन ने रची थी। आरोपी किशोरी का जेसीबी चालक प्रदीप यादव पुत्र औसान सिंह निवासी आदमपुर थाना सौरिख से प्रेम संबंध था।
दोनों शादी भी करना चाहते थे, लेकिन दोनों को शक था कि इकलौता भाई बलराम शादी के लिए तैयार नहीं होगा। पुलिस गिरफ्त में आई आरोपी किशोरी की साजिश सुनकर पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। करीब एक माह पूर्व उसने भाई की हत्या की योजना बनाई थी।
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15 सितंबर की सुबह दवा दिलाने का बहाना बनाकर वह भाई के साथ बाइक से जा रही थी। पहले से सुनियोजित ढंग से प्रदीप अपने दोस्त जेसीबी हेल्पर रामू उर्फ रामचंद्र पुत्र नत्थू लाल सोनकर निवासी बैरी थाना खकरेरू फतेहपुर के साथ सरसौनपुरवा में निचली गंग नहर के पास आए।
यहां बलराम की हत्याकर शव को नहर में फेंका और बाइक थोड़ी दूर इसी नहर में फेंक दी। स्वॉट टीम प्रभारी राकेश कुमार और ठठिया थाना प्रभारी विज बहादुर ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन सभी को जेल भेज दिया गया है।