lok sabha election: सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 1.11 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। यहां अन्य जातियों और वर्ग के मतदाता हैं, लेकिन सबका मिजाज कमोबेश एक जैसा है।
कानपुर में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के ग्वालटोली इलाके में नवाब आगामीर का महल अब मकबरा के नाम से जाना जाता है। वर्ष 1957 में आजादी के पहले स्वतंत्रता संग्राम की यह बेशकीमती निशानी है। बताया जाता है कि यहां तात्या टोपे, महारानी लक्ष्मीबाई समेत कई आजादी के रणबांकुरे जुटे थे। तभी ब्रितानी फौज ने घेर लिया। आत्मसमर्पण के गोरे अफसरों के आदेश पर जब कोई असर न दिखा तो पूरे भवन में आग लगा दी गई, जो कई दिन जली। कहते हैं कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन में बनी सुरंग से गंगा पार निकल गए। अंग्रेज हाथ मलते रहे। ऐसी विरासतों ने लोगों में अलग तरह का मिजाज तैयार कर दिया, जो उनके चुनावी नजरिये में भी नजर आता है।
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वर्ष 2012 में इस विधानसभा क्षेत्र का नया परिसीमन हुआ। उसके बाद से यह सीट सपा के पास है। विधानसभा चुनाव में सपा को अधिक वोट देने वाली इस सीट का मिजाज लोकसभा चुनाव में बदल जाता है। पिछले संसदीय चुनाव में यहां सपा-बसपा गठबंधन की तुलना में भाजपा को कई गुना अधिक वोट मिले। एक खासियत और है, यहां सपा और भाजपा दोनों का वोट प्रतिशत बढ़ा है। कांग्रेस और बसपा पीछे रही। इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक मुस्लिम मतदाता हैं और दूसरे नंबर पर ब्राह्मण। इसके अलावा अन्य जातियों और वर्ग के मतदाता हैं, लेकिन सबका मिजाज एक जैसा है। विधानसभा में ज्यादातर लोग सपा को वोट देते हैं और लोकसभा में भाजपा को।
परिसीमन के बाद यहां से लगातार तीन बार चुनाव जीते विधायक हाजी इरफान सोलंकी जेल में बंद हैं। क्षेत्र के ग्वालटोली, सूटरगंज, नेहरूनगर, पी. रोड आदि क्षेत्रों में लोगों से जब इस पर बात की तो घबराए, न नाम बताया और न फोटो खिंचाई, लेकिन विधायक के न होने की कसक जाहिर कर दी। इन लोगों में सिर्फ मुस्लिम ही नहीं थे, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति,पिछड़ा वर्ग सभी के मतदाता थे। राजकुमार मिश्रा, इरफान अंसारी, नरेश कुमार, दीपू आदि ने कहा कि हम काम करने वाले को चुनते हैं। विधानसभा और लोकसभा दो अलग जिम्मेदारी वाले चुनाव होते हैं, उसी लिहाज से प्रत्याशी चुना जाता है। हम किसी पार्टी के बंधुआ नहीं हैं।
कुल मतदाता- 271411 पुरुष- 144214 महिलाएं- 127195 थर्ड जेंडर -2
लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 (सीसामऊ के मतदान की स्थिति) भाजपा- 66600 वोट मिले सपा-बसपा गठबंधन- 7089 वोट मिले कांग्रेस- 68823 वोट मिले
अपने मन से वोट देते हैं
मैं वर्ष 1967 से चुनाव देख रहे हैं। पहले इस क्षेत्र का नाम चमनगंज था, फिर आर्यनगर में आया और अब सीसामऊ में है। यहां का वोटर किसी का बंधुआ नहीं है। किस चुनाव में किसको वोट देना है, अपना खुद का निर्णय होता है। - हाजी शहजादे कुरैशी, वार्ड-75, सूटरगंज
परिसीमन के बहुत पहले कांग्रेस और दूसरे दल भी चुनाव जीते हैं। लोगों का अपना निर्णय होता है। किसी पार्टी से ज्यादा काम करने वाले प्रत्याशी को पसंद किया जाता है।- नसीम रजा, ग्वालटोली मस्जिद कमेटी के सचिव, वार्ड-4, ग्वालटोली