राजपुर। कस्बा की चौकी में बुधवार को बदहवास हालत में भागते हुए एक महिला पहुंची। चिल्लाते हुए बोली कि साहब बेटे को बचा लो। वह कमरे में बंद है और फंदे पर लटक कर जान देने वाला है। इतना सुनते ही चौकी में बैठे पुलिस कर्मी सन्न रह गए। तुरंत महिला को साथ लेकर उनके घर पहुंचे। सिपाही ने युवक को समझाकर दरवाजा खुलवाया और उसे कमरे से बाहर निकाला। पुलिस की सतर्कता से युवक की जान बच गई।
कस्बे के कन्हैया नगर निवासी रीता देवी बुधवार की सुबह दस बजे रोते हुए राजपुर चौकी पहुंची। बताया कि बेटे ने खाना मिलने में देरी होने से नाराज होकर कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली है। फंदा लगाकर जान देने की बात कर रहा है। इतना सुनते ही चौकी में तैनात सिपाही अमित कुमार महिला के साथ तुरंत उनके घर पहुंचे। नाराज बेटे को समझाकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही बेटा बाहर निकला मां ने रोती-बिलखते हुए उसे गले लगा लिया। रीता ने बताया कि पति की काफी समय पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। इकलौते बेटे सुशील के साथ रहती है। थानाध्यक्ष कालीचरन ने बताया कि युवक को थाने में बुलाकर समझाकर घर भेज दिया गया है।
कस्बे के कन्हैया नगर निवासी रीता देवी बुधवार की सुबह दस बजे रोते हुए राजपुर चौकी पहुंची। बताया कि बेटे ने खाना मिलने में देरी होने से नाराज होकर कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली है। फंदा लगाकर जान देने की बात कर रहा है। इतना सुनते ही चौकी में तैनात सिपाही अमित कुमार महिला के साथ तुरंत उनके घर पहुंचे। नाराज बेटे को समझाकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही बेटा बाहर निकला मां ने रोती-बिलखते हुए उसे गले लगा लिया। रीता ने बताया कि पति की काफी समय पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। इकलौते बेटे सुशील के साथ रहती है। थानाध्यक्ष कालीचरन ने बताया कि युवक को थाने में बुलाकर समझाकर घर भेज दिया गया है।