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सड़क पर सिल्ट, युवक नाले में गिरा

Fri, 04 Dec 2015 02:09 AM IST
ओपी वाध्ावानी, कानपुर
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए ताबड़तोड़ प्रयास (?) कर रहा ‘नरक निगम’ वास्तव में हवा में पुल बांध रहा है। बेशर्मी का आलम देखिए कि सीटीआई नहर का सारा मलबा और सिल्ट निकाल कर सड़क पर डाल दी जिससे व्यस्त इलाके की सड़क ही बंद हो गई।
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लोग गिरते-पड़ते-फिसलते सिल्ट के किनारे से होकर रोज निकलते हैं और ऐसे में एक साइकिल सवार फिसलकर बगल के 20 फीट गहरे नाले में जा गिरा। शुक्र है कि उसकी जान बच गई।

आस-पास के लोगों ने रस्सियां लटकाकर बड़ी मुश्किल से उसे बाहर निकाला। बाद में हंगामा भी किया। बता दें कि दो दिन पहले ‘नरक निगम’ की लापरवाही से ही नौबस्ता में खुले पड़े नाले में गिरकर एक तांगेवाले की मौत हो गई थी। पर निगम नहीं जागा और न जागने की उम्मीद है।
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सीटीआई नहर की सफाई चार दिन पहले की गई थी। इससे निकली सिल्ट और कचरा रतनलालनगर रोड पर डाल दिया गया इससे रोड बंद हो गई। सिल्ट का करीब 15 फीट ऊंचा पहाड़ शनि मंदिर के सामने शास्त्री चौक-सीटीआई रोड पर भी डाल दिया गया।

बदबू के मारे आस-पास के लोगों का जीना दूभर हो गया, लोगों ने विरोध भी किया लेकिन जेसीबी की तरह ‘नरक निगम’ कर्मचारी भी गरजने लगे और इलाके को स्मार्ट सिटी बनाकर चले गए। गुरुवार को यहां हादसा हो गया। संजय नगर कच्ची बस्ती निवासी संतोष शाम के वक्त साइकिल से सिलेंडर लेकर घर की ओर जा रहा था।

रतनलालनगर रोड पर पड़ी सिल्ट से बचकर निकलते वक्त उसकी साइकिल फिसल गई और संजय बगल से बह रहे गहरे नाले में जा गिरा। संजय को गिरता देख राहगीरों की भीड़ लग गई। आननफानन में लोगों ने नाले में बांस और रस्सी डालकर काफी मशक्कत के बाद संजय को बाहर निकला। उसकी पीठ और पैर में काफी चोटें आई हैं।

संजय के मुताबिक उसके रुपये और मोबाइल भी नाले में बह गए। गोलू, बउवा, बाकर अली आदि ने बताया कि कई दिनों से नहर की सिल्ट सड़क पर यूं ही पड़ी है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर चुटहिल हो रहे है। लोगों के हंगामे की सूचना पाकर नगर निगम के कर्मचारी पहुंचे और सिल्ट हटाने का काम शुरू हुआ।
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