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सांसों का लंगर : संकट के दौर में सिख समाज की अनूठी पहल, शुरु की निशुल्क ऑक्सीजन सेवा

Wed, 28 Apr 2021 12:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कोरोना महामारी के बीच शुरु हुई ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए सिख समाज ने अनूठी सेवा शुरू की है। अब टूटती जीवन की डोर को एक सहारा मिल गया है।
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ऑक्सीजन की सेवा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्राणवायु की जद्दोजहद में टूटती सांसों को संजोने के लिए सिख समाज ने अनूठी सेवा शुरू की है। श्री गुरु सिंह सभा लाटूश रोड ने शहर के सभी गुरुद्वारों, सिख समाज के धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सहयोग से मंगलवार को ऑक्सीजन लंगर सेवा की शुरुआत की।

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इसके लिए गुमटी नंबर पांच स्थित गुरुद्वारा कीर्तनगढ़ की लाइब्रेरी के बाहर कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए नौ बेड का ऑक्सीजन लंगर लगाया गया है। यह सुविधा निशुल्क रहेगी। पहले दिन बारी-बारी से 45 मरीजों ने इस सेवा का लाभ लिया। श्री गुरू सिंह सभा ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा है, जिन्हें लाख प्रयासों के बाद भी अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा और वे ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि किसी को घर के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। जरूरतमंद लंगर में पहुंचकर और सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यहां उन्हें तीन से चार घंटे तक ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद तीमारदार अस्पताल में बेड मिलते ही भर्ती करा सकते हैं।

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मरीजों के लिए निशुल्क लंगर सेवा 
श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष हरविंदर सिंह लार्ड ने बताया कि रोजाना सुबह 10 से शाम छह बजे तक निशुल्क ऑक्सीजन लंगर सेवा चलेगी। यह सेवा ऑक्सीजन संकट खत्म होने तक चलेगी। इस पुनीत कार्य में सहयोग देने के लिए उन्होंने शहर की सिख संगतों के साथ पुलिस कमिश्नर असीम अरुण, जिलाधिकारी अलोक तिवारी और उद्योगपति विजय कपूर का आभार जताया। सेवा में ज्ञानी मदन सिंह, कुलवंतजीत सिंह गिल, रविंदर सिंह बंटी, मनमीत सिंह राजू, करमजीत सिंह आदि ने सहयोग किया।

जरूरतमंदों को निशुल्क ऑक्सीजन सिलिंडर
रमजान के मुबारक महीने में रोजेदार सदाकत खान कोरोना योद्धा की भूमिका निभा रहे हैं। ऑक्सीजन के लिए भटक रहे लोगों को वह निशुल्क सिलिंडर उपलब्ध कराते हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर की है। दो हफ्ते में वह कई लोगों की मदद कर चुके हैं। सदाकत का कहना है की सिलिंडर की कमी से पिछले दो दिनों से उनका काम भी प्रभावित है।

एमिटी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले सदाकत इंसानियत जिंदा है नाम से एनजीओ भी चलाते हैं। वह कहते हैं कि कोरोना काल में लोग व्यवस्थाओं से ज्यादा प्रभावित हैं। ऑक्सीजन की कमी से कई लोग रोज दम तोड़ रहे हैं। इससे आहत होकर उन्होंने अपने एनजीओ के माध्यम से निशुल्क ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई का काम शुरू किया।
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