कानपुर में एसआईटी 36 साल पहले हुए दंगे के दौरान हुई घटनाओं का क्राइम सीन फिर से तैयार कर रही है। जिससे घटना को समझने का प्रयास करेगी। वहीं पुलिस विवेचना के दौरान बनाए गए 56 गवाहों को भी तलाशने में जुटी है। इनकी मदद से उन दिनों के माहौल की रिपोर्ट तैयार होगी।
सन 1984 में हुए दंगों के 9 मुकदमों में एसआईटी ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। जबकि 19 मुकदमों की विवेचना जारी है। इन मुकदमों में दर्ज घटनास्थल पर क्राइम सीन(नजरी नक्शा) तैयार कराया रहा रहा है। किसी भी आपराधिक घटना को समझने के लिए यह अहम कड़ी है। इसे कोर्ट में चार्जशीट की तरह दाखिल किया जाता है।
एसपी एसआईटी बालेंदु भूषण ने बताया कि ज्यादातर घटनास्थल पर बिल्डिंग और मार्केट हो गई हैं। वहीं मुख्य घटना स्थलों पर बाजारों की भौगोलिक स्थिति बदल गई है। क्राइम सीन के जरिए 1984 के घटनास्थल को समझने की कोशिश होगी। उन दिनों कैसी स्थिति थी। घटनास्थल पर क्या और क्यों हुआ, वहीं वर्तमान स्थिति क्या है। आदि बातें स्पष्ट होंगी।
पुलिस रिकार्ड में 56 गवाह
19 मुकदमें जिनमें विवेचना की जा रही है। पुलिस रिकार्ड में इनमें 56 गवाह शामिल हैं। जो घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दे सकते हैं। एसआईटी सभी गवाहों की तलाश कर रही है। इनके बयान दर्ज कराने के साथ ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।