कानपुर देहात। मार्च में दिन का तापमान बढ़ने से मौसम के फिर से करवट लेने के संकेत हैं। मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। करीब नौ बजे धूप निकल सकी। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी ने दिन और रात के तापमान में अंतर और पश्चिमी विक्षोभ को मौसम में बदलाव की वजह बताया है। बादल छाए रहने और 18-19 मार्च को बारिश की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग मार्च सबसे गर्म महीना रहेगा इसकी संभावना जता चुका है। सोमवार को दिन का तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और मंगलवार को 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्मी से गेहूं की फसल पकने लगी है। इससे दुग्धावस्था (दाना बनने की अवस्था) में तापमान अधिक होने पर दाना सिकुड़ने और उत्पादन गिरने की आशंका से किसान चिंतित हैं। इधर मंगलवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा।
हालात ये हुए कि दृश्यता बेहद कम रही। करीब नौ बजे हल्की धूप निकली। इसके बाद धीरे-धीरे कोहरा साफ हुआ। मार्च में घना कोहरा देखकर लोग हैरान हो गए। हालांकि बदले मौसम के मिजाज से किसानों को जरूर राहत मिली है। उनका कहना है कि मौसम करवट लेगा तो तापमान गिरेगा और गेहूं के पौधे जल्द सूखने से बच जाएंगे। सीएसए के कृषि मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों में बादल छाए रहने की संभावना जताई है।
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वर्जन
दिन में तापमान अधिक होने और रात में आसमान साफ रहने की स्थिति के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बादल आ रहे हैं। इसी परिवर्तन की वजह से मंगलवार को दिन में कोहरा छाया रहा। जलस्रोतों के करीब कोहरा अधिक घना रहा। आगामी पांच दिनों हल्के बादल छाए रहेंगे। 18-19 मार्च को बारिश की संभावना है। - अजय मिश्रा, कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी सीएसए।
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बादल छाने से दिन का तापमान होगा कम
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि मौसम बदलने और दिन में हल्की बदली छाए रहने से तापमान कम होगा तो इसका फायदा गेहूं की फसल को मिलेगा। मौजूदा समय में तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। किसानों को खेत में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखने के लिए कहा गया है।
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दिन-रात के तापमान में अंतर से बना रेडिएशन फॉग
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रात में जब आसमान साफ रहता है तो धरती गर्मी तेजी से आसमान की तरफ छोड़ देती है। इसकी वजह से सतह के पास की हवा ठंडी हो जाती है। इस प्रक्रिया को रेडिएशन फॉग कहा जाता है। ठंडी हवा नमी को अधिक देर तक रोक नहीं पाती और वह सूक्ष्म जल बूंदों में बदलकर कोहरे का रूप ले लेती है।
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कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार, देरी से चलीं ट्रेनें
कोहरा की वजह से सड़क मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। वहीं दिल्ली हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ा। इसकी वजह से कानपुर की ओर जाने वाली ऊंचाहार सुबह 4:20 बजे के स्थान पर 4:30 बजे रूरा स्टेशन से रवाना हुई। फफूंद कानपुर मेमू सुबह 9 बजे से आधा घंटा देरी से रवाना हुई। दोपहर में मुरी एक्सप्रेस 1:13 बजे के बजाय 1:40 बजे रवाना हुई। दोपहर में महानंदा 1:30 बजे के बजाय 2 बजे रवाना हुई। दिल्ली की ओर जाने वाली गोमती एक्सप्रेस सुबह 8:20 बजे के बजाय 8:45 बजे रवाना हुई। जम्मू तवी मुरी एक्सप्रेस दोपहर में 2 बजे के बजाय 3:58 बजे रवाना हुई। इसी प्रकार झींझक स्टेशन पर भी ट्रेनें देरी से पहुंची।