इटावा। बिहार से दिल्ली के एम्स में इलाज के लिए जा रहे पैरालिसिस से पीड़ित व्यक्ति की फफूंद के पास तबीयत बिगड़ गई। इटावा में बिना स्टॉपेज के ट्रेन रोककर यात्री को जिला अस्पताल ले जाया गया। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बिहार के निवादा स्थित कथाना कोआकोला के दरामा निवासी वीरेंद्र यादव (55) पुत्र कुलदीप यादव पैरालिसिस से पीड़ित थे। उनका दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था। मंगलवार को वह बेटे विक्कू के साथ ट्रेन से दिल्ली डॉक्टर को दिखाने जा रहे थे। फफूंद रेलवे स्टेशन के करीब वीरेंद्र यादव की तबीयत बिगड़ गई। पुत्र ने सूचना रेलवे के कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद हमसफर एक्सप्रेस को इटावा में रोककर वीरेंद्र को जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने उन्हें जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।