कानपुर। पीएम आवास दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी करने के आरोपी भाई-बहन को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर बुधवार को कानपुर लाकर जेल भेज दिया। आरोपियों ने लोगों को भरोसे में लेने के लिए फर्जी आवंटन और कब्जा पत्र तक दिखाए थे। जालसाजी का खुलासा होने पर जाजमऊ थाने में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
एसीपी कोतवाली आशुतोष सिंह ने बताया कि 2025 में आसिफ मंसूरी और 2026 में अमित गौतम ने जाजमऊ के तिवारीपुर निवासी सत्यम तिवारी, उसकी बहन ओजस्वी तिवारी और साथी नौशाद अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि आरोपियों ने पीएम आवास दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों और उनके रिश्तेदारों से फॉर्म भरवाए।
इसके बाद फर्जी दस्तावेज दिखाकर रुपये ले लिए। आसिफ की मां रईसा बेगम ने 45 हजार, जबकि अमित ने दो लाख रुपये से अधिक कई किस्तों में दिए। बताया कि आरोपी कई लोगों से लाखों रुपये ठग चुके हैं। मुकदमे के बाद सत्यम और ओजस्वी नोएडा भाग गए थे। आरोप सही पाए जाने पर गैर जमानती वारंट जारी हुआ। मंगलवार को सत्यम को नोएडा सेक्टर-15 और ओजस्वी को सेक्टर-62 से गिरफ्तार किया गया। फरार पिता राजेश तिवारी और साथी नौशाद अली की पुलिस तलाश कर रही है।