फिल्मकार श्याम बेनेगल ने फिल्मों में किसी भी सीन के कट होने की खिलाफत की। उनका कहना है कि कोई भी फिल्म निर्देशक बड़ी मेहनत से फिल्म में सीन का शूट करता है और आसानी से उसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन कट करवा देता है। यह गलत है। बोर्ड से यह अधिकार वापस ले लेना चाहिए। बेनेगल ने कहा कि बोर्ड का काम केवल फिल्मों को सर्टिफिकेट प्रदान करने के लिए होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब वह बोर्ड के सदस्य थे तो उन्होंने इस बाबत एक प्रस्ताव भी सरकार को भेजा था जिसे नामंजूर कर दिया गया।
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हिंदी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास बताया
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आईआईटी कानपुर में श्याम बेनेगल
आईआईटी कानपुर में गुरुवार देर शाम चार दिवसीय टेक्निकल फेस्टिवल टेककृति-18 का शुभारंभ हो गया। बतौर मुख्य अतिथि मशहूर फिल्मकार पद्मश्री श्याम बेनेगल ने टेककृति में शामिल होने आए देशभर के छात्रों से सीधे संवाद किया। हिंदी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास बताया। बोले, सिनेमा को हमेशा समाज का आइना माना जाता रहा है। यही कारण है कि पहले जो फिल्में बनती थीं वह समाज को प्रेरित करती थीं। बेनेगल ने फिल्म में तकनीक के प्रयोग की शुरुआत के बारे में भी बताया और आईआईटीयंस से कहा कि वे भी कुछ ऐसी तकनीक तैयार करें जिससे सिनेमा जगत को लाभ मिले। उन्होंने शोध और कला के बीच रिश्ता भी बताया। बोले, कोई भी खोज या अविष्कार कला का ही हिस्सा होता है। इसके पहले श्याम बेनेगल के साथ उनकी पत्नी नीरा बेनेगल, पटकथा लेखक अतुल तिवारी और आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
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दूथ वालों के पैसों से बनी मेरी फिल्म
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श्याम बेनेगल
बेनेगल ने बताया कि उन्होंने उस वक्त ‘मंथन’ फिल्म बनाई थी जब सिनेमा जगत आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बोले, यह फिल्म को-ऑपरेटिव फंडिंग का अच्छा उदाहरण है। फिल्म दूध का व्यापार करने वाले छोटे गांव पर आधारित थी। इस फिल्म के लिए करीब पांच लाख गांवों के लोगों ने दो-दो रुपये के हिसाब से चंदा एकत्रित किया और जब यह फिल्म रिलीज हुई तो फिर से इस फिल्म को देखने के लिए वे टिकट खरीदकर सिनेमा घर गए।
नसीरुद्दीन शाह, शबाना और स्मिता की एक्टिंग का कायल हूं
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श्याम बेनेगल
श्याम बेनेगल ने बताया कि वह नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और स्मिता पाटिल के एक्टिंग को काफी पसंद करते हैं। इनकी एक्टिंग में दम रहता है और ये सभी बड़ी ही सादगी से अपना डायलॉग लोगों तक पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं।
बेनेगल ने कहा कि उन्होंने हाल ही में वेलडन अब्बा, संविधान और पंजाबी फिल्म जंग ए आजादी बनाई है। अब कई अन्य फीचर फिल्मों की तैयारी में भी जुटे हैं। धन की जरूरत है और वह इसके लिए कोशिश कर रहे हैं।