अकबरपुर स्थित मुगलकालीन ऐतिहासिक विरासत शुक्ल तालाब में कई महीनों से चल
रही सुंदरीकरण की रफ्तार अब धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगी है। सुंदरीकरण के
नाम पर तालाब परिसर के चारो ओर बनी बाउंड्रीवाल का ही रंगरोगन किया जा रहा
है। वहीं उपजिलाधिकारी ने बचे कार्य को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए
हैं।
बताते चलें कि जुलाई 2014 में जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने
अकबरपुर स्थित मुगलकालीन ऐतिहासिक विरासत शुक्ल तालाब का निरीक्षण कर
सुंदरीकरण का कार्य कराए जाने के निर्देश दिए थे।
सुंदरीकरण के क्रम में
तालाब के चारो ओर बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य, तालाब का गंदा पानी निकालकर
सफाई, तालाब परिसर में 100 फलदार, 100 फूलदार व 100 अशोक के पेड़ लगाए जाने
थे। साथ ही तालाब की सफाई के बाद बीचोबीच फव्वारा लगाया जाना था, जिसके
लिए जिलाधिकारी ने अकबरपुर नगर पंचायत को सुंदरीकरण कराने का जिम्मा सौंपा
था।
डीएम के निर्देश पर शुक्ल तालाब सुंदरीकरण का कार्य करीब सितंबर
में शुरू हो गया था। इसके बाद अकबरपुर नगर पंचायत की ओर से आनन-फानन में
तालाब की सफाई सहित गंदे पानी को निकलवाकर बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य
शुरू करा दिया।
तालाब सुंदरीकरण के क्रम में जनवरी के अंत तक धीरे-धीरे
अब सुंदरीकरण का काम सुस्त हो गया है। परिसर में बाउंड्रीवाल का निर्माण
करीब पूरा होने के बाद दीवारों पर ही रंगरोगन किया जा रहा है।
वहीं करीब
डेढ़ माह पहले तालाब का गंदा पानी निकालकर उसकी सफाई आदि के बाद फिलहाल
उसमें अब तक दोबारा पानी नहीं भरा गया है और न ही तालाब में अभी तक छायादार
और फलदार पौधे को लगाने का काम शुरू हो पाया है।