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घर के सामानों का पर्चा सिकुड़ा

Sat, 03 Dec 2016 12:24 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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नोट बंदी ने मासिक खरीदारी वाला पर्चा छोटा कर दिया है। दुकानदारों के मुताबिक मध्य वर्ग के लोग जितनी जरूरत, उतनी खरीदारी कर रहे हैं। शुक्रवार को महीने की शुरुआत का दूसरा दिन होने के बावजूद किराने के थोक व्यापारी और फुटकर दुकानदार खाली बैठे रहे। व्यापारियों को अगले सप्ताह से बाजार सुधरने की उम्मीद है।
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परेड के किराना दुकानदार अतुल द्विवेदी ने बताया कि महीने के पहले दिन घरों से राशन और अन्य जरूरत के सामान के पर्चे आ जाते थे। इस बार ऐसा नहीं है। तेल-खाद्यान्न कम खरीदा जा रहा है। छह-छह साबुन खरीदने वाले लोग अब एक-दो ही खरीद रहे हैं। सॉस, जैम, क्रीम, पाउडर, डिओ आदि की बिक्री ठप है।

शक्करपट्टी के खुली चाय पत्ती के विक्रेता पवन गुप्ता ने बताया कि सीजन होने के बावजूद बिक्री में 50 फीसदी तक की कमी आई है। छोटे दुकानदार तक कम खरीदारी कर रहे हैं। नयागंज में चीनी के कारोबारी राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि फुटकर मांग घटने से थोक बाजार भी सुस्त है। सीजन में चीनी 44-45 रुपये तक पहुंचने वाली चीनी 40 से 41 रुपये किलो फुटकर में बिक रही है। 
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दाल-रोटी खाओ, मेवा भूल जाओ
नोट बंदी के दौर में शहरवासियों ने दिवाली के बाद मेवे से रुख ही मोड़ लिया है। थोड़ी-बहुत सहालग न हों तो इन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। नयागंज के किराना व्यापारी हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि बाजार पूरी तरह से स्थिर है। 

गुड़ के दाम गिरे
गुड़ व्यापारी रतन कुमार ने बताया कि व्यापारियों ने इतना माल उधार बांट दिया है कि अब पीछे से माल खरीदने की क्षमता नहीं रही। चेक क्लीअर हो नहीं रहे, कैश पर्याप्त मिल नहीं रहा। 2900 रुपये वाला पट्टी गुड़ 2700, 3700 रुपये वाला लड्डू गुड़ 3400 और 3300 वाला देशी गुड़ 3100 रुपये में थोक बाजार में बिक रहा है।

सिंघाड़ा बाजार बेजार
शुक्रवार को कलक्टरगंज सिंघाड़ा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। खरीदार न होने से बृहस्पतिवार को 200 रुपये किलो वाला सिंघाड़ा 70 रुपये किलो में बिका। इस पर व्यापारियों ने माल नहीं मंगाया। सिंघाड़ा कारोबारी संजीव अग्रवाल ने बताया कि दो माह का सीजन होता है। कैश की किल्लत से धंधा मंदा है। कारोबारी शंकरलाल राठौर ने कहा कि व्यापारियों-खरीदारों के बीच कैश की किल्लत फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही। 
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