चित्रकूटः रामायणम ट्रेन के तीर्थयात्रियों ने रेलवे समेत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धर्मनगरी पहुंची ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि उन्हें शुद्ध भोजन नहीं मिला। भगवान राम के कई स्थलों के दर्शन नहीं कराए गए। रात को धर्मनगरी पहुुंचने पर उन्हें ज्यादातर मंदिर के दरवाजे बंद मिले। ट्रेन की बोगियों में जलापूर्ति न होने व गंदगी होने की शिकायत की।
22 नवंबर को मुंबई महाराष्ट्र से तीर्थयात्रियों को लेकर बुद्धवार की शाम लगभग सात बजे रामायणम ट्रेन मानिकपुर जक्शन पहुंची। तीर्थयात्री राजस्थान निवासी मदनलाल शर्मा, एमएल अग्रवाल, सुरेश शर्मा, ललित कुमार आदि ने बताया कि मानिकपुर से प्राइवेट बस से चित्रकूट लाया गया। सती अनुसईया पहुंचने पर अंधेरा होने के कारण यात्री भगवान राम से जुडे़ चिन्ह व मंदिर के दर्शन नहीं कर पाए। उन्हें कहीं और नहीं ले जाया गया। सीधे रामघाट लाकर मंदाकिनी के दर्शन कराए गए। देर रात रामघाट के पास एक होटल में रेलवे द्वारा पहले तैयार किया भोजन दिया जो मानक के अनुसार पौष्टिक नहीं था। रात डेढ़ बजे सभी को मानिकपुर लाकर ट्रेन में बैठा दिया गया। चित्रकूट के बारे में जो सुना था वह नहीं देख पाए।