इटावा। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों में भूमि विवाद संबंधी मामलों पर श्रावस्ती मॉडल के तहत कार्रवाई की गई। गुरुवार को भी प्रशासनिक टीम ने गांवों में जाकर सरकारी जमीन, नालियां, चकरोड तालाब आदि को कब्जा मुक्त कराया। विशेष अभियान के तहत दूसरे दिन भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण के लिए एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में तहसील स्तर पर राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीमों को बनाकर गावों में भेजा गया। जिले की सभी छह तहसीलों के आठ थानों में कुल 14 गांवों में संयुक्त टीमें पहुंची और कुल 47 मामले चिन्हित कर विवाद से संबंधित पक्षों से बातचीत, जांच व पैमाइश करके 47 मामलों का समाधान कराया।
इस अभियान में गुरुवार को 7.99 हेक्टेयर रकबा अवैध कब्जा से मुक्त कराया गया और एक रास्ता, 14 नाली, एक तालाब, 25 चकरोड़, तीन खाद के गडढे, पांच चारागाह, दो खलियान, एक नवीन परती, चार बंजर भूमि,दो निजी भूमि और सात वृक्षारोपण की भूमि को कब्जा मुक्त कराकर खाली कराया गया।
ताखा। तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने श्रावस्ती मॉडल के तहत अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। एसडीएम व तहसीलदार की अगुवाई में भरतिया व हिंदूपुर वैदपुर गांवों में लगभग 11 बीघा सरकारी जमीन को खाली कराया गया।
इस अभियान के तहत तीन नालियाें, तीन चकरोड, चार जगह चरागाह की भूमि तथा दो जगहों पर बने खाद के गड्ढों को खाली कराया गया। इसके साथ ही एक जगह कुरा दखल कराया गया। एसडीएम श्वेता मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई जनहित और ग्रामवासियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
.
बकेवर। थाना क्षेत्र के ग्राम मेंहदीपुर में श्रावस्ती मॉडल के तहत सरकारी मार्ग व नाली पर से एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ पहुंचकर सीमांकन कराकर अवैध कब्जे को हटवाया।
गांव मेंहदीपुर निवासी भुवनेश कुमार पुत्र रामनारायण, निहाल सिंह पुत्र अम्बिका प्रसाद, अमित,जयनारायण, मानसिंह पुत्रगण मोतीलाल ने चकरोड व नाली पर अवैध रुप से कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। इसपर एसडीएम ब्रह्मानन्द कठेरिया व राजस्व निरीक्षक जितेंद्र यादव व लेखपाल मुनिदेव यादव की टीम ने कार्रवाई की।
जसवंतनगर। गुरुवार को श्रावस्ती मॉडल के तहत कस्बा क्षेत्र के गांव नागरी और तिजौरा में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जे को हटवाया। एसडीएम कुमार सत्यम जीत की अगुवाई में राजस्व व पुलिस की टीम शिकायतों के आधार पर ग्राम नागरी व तिजौरा गांव पहुंची। यहां पर टीम ने नागरी में दो चकरोड, एक खाद के गड्डे, एक बंजर भूमि को कब्जा मुक्त कराया। वहीं गांव तिजौरा बलरई की तीन चकरोड़, एक चारागाह सहित कुल चार जगहों का सीमांकन कर कब्जा मुक्त कराया।