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संत शोभन सरकार की मृत्यु की हो सीबीआई जांच

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शोभन सरकार के पिता कैलाश नारायण तिवारी (सफेद रंग की बनियान और धोती में) साथ में शोभन सरकार के भाई चंद्रभान तिवारी (कुर्ता पहने हुए कुर्सी में बैठे) - फोटो : AMAR UJALA
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खबर दिव्यांश सिंह फोटो है। संत शोभन सरकार की मृत्यु की हो सीबीआई जांच - पिता और भाई ने लगाए आरोप दूध पीते ही आई उल्टी निकला झाग और हो गई मौत - सरकार से शिवली स्थित शोभन मंदिर को अपने कब्जे में लेने की कही बात संवाद न्यूज एजेंसी कानपुर। संत शोभन सरकार (स्वामी विरक्तानंद महाराज) की मौत के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है । परिजनों ने आश्रम में काबिज लोगों पर साजिश रच सरकार को मौत की नींद सुलाने का आरोप लगाया है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार से शिवली स्थित शोभन मंदिर को तत्काल प्रभाव से अपने कब्जे में लेकर उसमें रिसीवर बैठाने की मांग की है। परिजनों का कहना है शोभन मंदिर को सरकार अपने कब्जे में ले उसमें संत शोभन सरकार का भव्य मंदिर बने एवं आश्रम की जमीन को जनकल्याणकारी योजनाओं के उपयोग में लाया जाए। परिजनों ने लगाया आरोप कल्याणपुर इंदिरा नगर में रहने वाले संत शोभन सरकार के बड़े भाई चंद्रभान तिवारी (74) ने मंदिर के मठाधीशों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है, मंदिर के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार 13 मई की सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर शोभन सरकार को दूध दिया गया, दूध पीते ही मुंह से झांग के साथ उल्टी आई और उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उनका कहना है उनके भाई की मौत साजिश के तहत हुई है। वह अपने भाई की मौत की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। उन्होंने कहा शिवली स्थित मंदिर के सर्वराकार हरि शरण पांडे पर आश्रम की जमीन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है जल्द से जल्द हरि शरण पांडे को पद से हटाकर प्रदेश सरकार को आश्रम की जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहिए। कुछ सालों पहले भी रची गई थी मौत की साजिश शोभन सरकार के 107 वर्षीय पिता कैलाश नारायण तिवारी ने बताया मंदिर के ही लोगों ने कुछ सालों पहले उनके पुत्र को जहर देकर मौत की साजिश रची थी। उस वक्त साजिशकर्ता अपनी चाल में कामयाब नहीं हो सके। 13 मई 2020 को हुई शोभन सरकार की मौत संदेह के घेरे में है। मैं अपने पुत्र की मौत की सीबीआई जांच और गुनहगारों को सजा दिलाने की मांग करता हूं। आश्रम से नहीं मिली मौत की सूचना परिजनों ने बातचीत ने बताया आश्रम से उनके भाई- पुत्र की मौत की कोई भी जानकारी उनको नहीं दी गई। भक्तों और आसपास के ग्रामीणों ने फोन पर उनको मौत की जानकारी दी। मंदिर के मठाधीशों शिवली आश्रम से उनके शव को सुनौड़ा स्थित आश्रम ले गए। जहां उनके शव को जल समाधि दे दी गई। नोट - शिवली स्थित आश्रम का बयान कानपुर देहात त्रिपुरेश नारायण अवस्थी की ओर से आएगा।
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