अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म 'कालिया' का डायलॉग बोल कर एक बार फिर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव चर्चाओं में आ गए हैं। उन्होंने यह डायलॉग मुलायम सिंह यादव की तारीफ में बोला है। साथ ही साथ अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधा है।
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जहां नेताजी खड़े हो जाते हैं, वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है...
शिवपाल यादव के साथ मुलायम सिंह
दरअसल, शिवपाल ने एक टिप्पणी की है जो अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म ‘कालिया’ के डॉयलाग से मिलती जुलती है। अमिताभ ने फिल्म में कहा था, 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू हो जाती है।' इसी तर्ज पर शिवपाल ने ट्वीट कर कहा, 'जहां नेताजी (मुलायम) खड़े हो जाते हैं, वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है।'
जहाँ नेता जी खड़े हो जाते हैं वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है। उन्होंने सेक्यूलिजिम के लिए जिन्दगी और कई सरकारें दाँव.. 1/2
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) May 7, 2017
उधर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने को अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल बताया। ऐसा कहकर समाजवादी पार्टी में चल रही रार को उन्होंने एकबार फिर से हवा दे दी है। मालूम हो उत्तर प्रदेश के चुनावों में हारने के बाद से समाजवादी पार्टी में रार पहले जैसी ही बनी हुई है।
मुलायम बोले- कांग्रेस ने जीवन बर्बाद कर दिया
अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी (फाइल फोटो)
मुलायम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके जीवन को बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी और उनके बेटे अखिलेश ने कांग्रेस से ही गठजोड कर लिया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के साथ गठबंधन ही पार्टी की मौजूदा खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार है। मैंने अखिलेश को सलाह दी थी कि वह ऐसा ना करें, लेकिन उसने किया। सपा अपनी हार के लिए खुद जिम्मेदार है ना कि प्रदेश की जनता।'
बता दें कि मुलायम पहले भी हार के लिए अखिलेश को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे ने उनका अपमान किया। साथ ही बोले कि मतदाताओं ने महसूस किया कि जो अपने पिता का नहीं है वह किसी और का विश्वासपात्र नहीं हो सकता।
रामगोपाल बोले- पार्टी की कमान मुलायम को सौंपने का प्रश्न नहीं
रामगोपाल यादव (फाइल फोटो)
रामगोपाल यादव को ‘शकुनि’ बताने के शिवपाल के बयान पर मुलायम ने कहा कि शिवपाल ने जो कहा सही है। शिवपाल को हराने के प्रयास किए गए।इसके लिए धन भी खर्च किया गया। शिवपाल पर पलटवार करते हुए रामगोपाल भी कह चुके हैं कि अखिलेश का इस्तीफा मांगने से पहले पार्टी का संविधान पढ़ना चाहिए। अखिलेश किसी भी स्थिति में इस्तीफा नहीं देंगे और सपा की कमान मुलायम को सौंपने का कोई प्रश्न नहीं है।