बिठूर लवकुश नगर स्थित शिवधाम आश्रम
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कानपुर में बिठूर के लवकुश नगर स्थित अखंड शिवधाम आश्रम पर आधिपत्य के विवाद के बीच साध्वी सतरूपा का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कहा है कि वह आश्रम में खुद को असुरक्षित और बंधक महसूस कर रही हैं। आश्रम में मौजूद अनाधिकृत लोग अराजकता फैला रहे हैं।
इससे वह न नियमित पूजन कर पा रही हैं और न ही अपने भक्तों से मिल पा रही हैं। आरोप है कि अनधिकृत लोग भक्तों को गेट से ही लौटा दे रहे हैं। उनका कहना है कि संतों ने महामंडलेश्वर की मौजूदगी में उनका पट्टाभिषेक किया है, फिर भी कुछ लोग आश्रम पर कब्जा करने की फिराक में हैं।
अधिवक्ता ने आश्रम विवाद पर डीसीपी को दिया शिकायती पत्र
विवाद में शुक्रवार को एक नया मोड़ आ गया। अखंड शिवधाम आश्रम के विधि सलाहकार ने डीसीपी पश्चिम के कार्यालय में एक शिकायती पत्र दिया। इसमें अधिवक्ता ने आश्रम के मौजूदा हालात का जिम्मेदार क्षेत्रीय पुलिस को बताया है। अधिवक्ता ने बिठूर पुलिस पर आश्रम की संचालिका डॉ. रेनू तिवारी पर दबाव बनाने की बात लिखी है। अधिवक्ता ने न्यायालय में अवकाश के चलते वाद दाखिल न कर पाने का भी हवाला दिया है।
कमरों पर कब्जे की बात झूठी
साध्वी सतरूपा ने बताया कि आश्रम के कमरों में कब्जे की बात गलत है। एसडीआरएफ के जवानों को ठहरने के लिए लिखित में कमरे दिए गए हैं। एसडीआरफ के जवान जाएंगे तो सारे कमरे उनके सुपुर्द करके जाएंगे। कमरों पर कब्जों के मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। मामले में ब्रजानंद अवधूत ने बताया गुरुवार को एसडीआरएफ के जवान कमरे खाली करके गए थे। इस पर संतों ने कमरो में समान रख लिया था। वे शुक्रवार को वापस आ गए हैं, जिसके चलते संतों ने फिर से सामान हटा लिया। अब संत दो कमरों में ही रह रहे हैं।
ब्रजानंद की सेहत बिगड़ी
स्वामी ब्रजानंद अवधूत ने बताया गुरुवार दोपहर बाद से उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ दस्त की शिकायत है। इसलिए वह आश्रम में ज्यादा समय नहीं दे पा रहे हैं।