हथाैरा मदरसे में शिवानंद महाराज कहा कि मंदिर-मस्जिद के प्रति सभी में बराबर से सम्मान और आस्था होनी चाहिए। ईश्वर का कोई स्वरूप नहीं है। जहां आस्था होती है, वहीं ईश्वर प्रगट हो जाते हैं। कहा कि पत्थर की मूर्तियों में भगवान तभी मिलते हैं।
जब बोलती मूर्ति (इंसान) का भी सम्मान हो। उन्होंने कहा कि देश में चल रही कैंची की जड़ नेता हैं। अयोग्य नेता जातिवाद की राजनीति कर रहे हैं। योग्य नेता तो इंसानियत की सियासत करते हैं। शिवानंद महाराज ने कहा कि उन्होंने 44 बच्चों को होटलों आदि से काम छुड़वाकर पढ़ाई में लगाया है।