कानपुर। कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री मामले में फरार विनोद अग्रवाल के बेटे शिवम अग्रवाल को पुलिस ने शनिवार को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उस पर एक दिन पहले ही 25 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। एफआईआर होने के करीब पांच माह से शिवम फरार था। पुलिस और क्राइम ब्रांच को उसकी दिल्ली में पंजीकृत हुई फर्म नॉक्स फार्मासियुटिकल्स की जानकारी हुई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री में कलक्टरगंज, अनवरगंज, रायपुरवा, नरवल समेत अन्य थाने में आठ एफआईआर कराई थी। पुलिस विनोद अग्रवाल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद शिवम अग्रवाल की तलाश कर रही थी। उसके लखनऊ, दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद में होने की सूचना मिल रही थी।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि अब तक 40 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगवाए जाने और उनको बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, नेपाल में भेजने की जानकारी हुई थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विनोद अग्रवाल और शिवम अग्रवाल की फर्मों में लगभग 26 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगवाने की जानकारी दी थी। पुलिस की जांच में पिता-पुत्र की फर्म और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों ने लगभग 1.12 करोड़ कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशियां मंगवाई थीं। इन शीशियों को शराब बंदी वाले राज्यों में भेजा गया है।
ई-वे बिल और ट्रांसपोर्टरों से जानकारी जुटाने पर 47 फर्मों को शहर से कोडीनयुक्त सिरप भेजे गए थे। इनकी जांच कराई गई तो उनमें से 21 के पते फर्जी पाए गए हैं। पुलिस फर्मों के मालिक के साथ कई मेडिकल स्टोर संचालकों की तलाश कर रही है। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक महाराजपुर थाने में मां दुर्गा मेडिकोज, रायपुरवा में बालाजी मेडिकोज, कल्याणपुर में एएस हेल्थ केयर, चकेरी में आरएस हेल्थ केयर, कलक्टरगंज में मसाइको फर्म, मेडिसिन फार्मा, अग्रवाल ब्रदर्स पर एफआईआर हुई थी।
पुलिस विनोद अग्रवाल, विशाल सिंह सिसोदिया, रोहन पचौरी, सुमित केसरवानी और एक को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पांच आरोपियों की तलाश मं टीमें लगी हुई हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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1.12 करोड़ सिरप में से ज्यादातर नशे के लिए हुआ इस्तेमाल
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शिवम अग्रवाल ने दिल्ली में रजिस्टर्ड नॉक्स फार्मासियुटिकल्स फर्म बनाई थी। इस फर्म के अलावा अन्य फर्म की ओर से करीब 14 माह में 1.12 करोड़ कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगवाए गए थे। यह सिरप हिमाचल प्रदेश के बद्दी जिले, हरियाणा के पानीपत और अन्य फर्मों से मंगवाए गए थे। एसआईटी के पास 1.12 सिरप के आर्डर की डिटेल आ गई है।
यहां से मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, नेपाल, मध्य प्रदेश, दिल्ली, झारखंड समेत अन्य शहरों में भेजा गया है। अधिकतर कोडीनयुक्त सिरप नशे के लिए इस्तेमाल किए गए। शिवम अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिता के साथ 2019 से कारोबार में जुड़ा हुआ है। वह सीए है। 2024 और 2025 में कोडीनयुक्त कफ सिरप का व्यापार किया। वह अपना माल स्टॉकिस्ट को देता था। एसआईटी की जांच में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा की कई अन्य फर्मों से सिरप मंगवाए गए हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी का पता चलते ही सड़क पर फेंका मोबाइल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिवम को हो रहीं गिरफ्तारियों का पता चल गया था। इस पर उसने अपना महंगा मोबाइल सड़क पर फेंक कर तोड़ दिया था। इसके बाद दर्शन करने के लिए खाटू श्याम गया था। पुलिस उसके मोबाइल की लोकेशन की जानकारी जुटा रही थी लेकिन वह हर बार बदल जा रही थी।