डेमाे पिक
- पूजन स्थल को गंगा जल से शुद्ध कर ही पूजा करें।
- शाम को पुन: स्नान कर स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण करें।
- शनि प्रदोष व्रत पूजा शाम 4:30 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच ही करें।
- ब्रह्मणों को भोजन कराएं।
- जरूरत मंदों को दान-पुण्य करें।
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