कानपुर देहात। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शक्ति सखी बनकर लोगों की समस्याएं सुनेंगी और उनका समाधान करेंगी। बृहस्पतिवार को पद के लिए आवेदन करने वाली 13 महिलाओं में 10 ने मौजूद रहकर परीक्षा दी है। अब परिणाम आने के बाद चयनित होने वाली महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें करीब नौ हजार स्वयं सहायता समूह का गठन कर एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। यह महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। शासन समूह के बीच से चयनित महिलाओं को शक्ति सखी के रूप में नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है।
जिला मिशन प्रबंधक बृजेश कुमार ने बताया कि जनपद के सभी ब्लॉकों में शक्ति सखी की तैनाती की जानी है। इसमें पहले चरण में अकबरपुर के लिए महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। आवेदन करने वाली 13 महिलाओं में 10 ने पहुंचकर परीक्षा दी है। परीक्षा का परिणाम आने के बाद इनका साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसमें चयन होने के बाद सूची को मिशन भेजने पर अनुमति मिलते ही जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। इसके लिए इन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय मिलेगा।
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बयान........
शक्ति सखी के रूप में कार्य करने के लिए समूह की 13 महिलाओं ने आवेदन किया था, इनमें से 10 ने पहुंचकर परीक्षा दी है। परिणाम आने के बाद साक्षात्कार होगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चयनित महिलाओं को मानदेय भी मिलेगा। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम