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Kanpur: यौन उत्पीड़न की शिकार पीएचडी छात्रा ने दूसरे केस में दर्ज कराए बयान, एसआईटी ने आगे बढ़ाई जांच

Sat, 11 Jan 2025 10:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में शादी का झांसा देकर आईआईटी की पीएचडी छात्रा का यौन शोषण करने के मामले में छात्रा ने दूसरे केस में बयान दर्ज कराए। आधे घंटे में आईआईटी की लैब में बयान दिए।
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एसीपी मोहम्मद मोहसिन खान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यौन उत्पीड़न का शिकार आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ दर्ज कराए मानहानि और धमकी के मामले में शनिवार को अपने बयान दर्ज कराए। एसआईटी ने डेढ़ घंटे तक आईआईटी की लैब में पीड़ित छात्रा से बातचीत कर बयान दर्ज किए। सूत्रों की मानें तो पीड़ित छात्रा ने एफआईआर में लिखी बातों को दोहराया है। पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करने के बाद एसआईटी और विवेचक ने मामले की जांच तेज कर दी है।
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आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने कल्याणपुर थाने में तत्कालीन कलक्टरगंज एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी एफआईआर मानहानि और धमकी देने व समेत अन्य धाराओं में मोहसिन और उसके अधिवक्ता के खिलाफ कल्याणपुर थाने में ही दर्ज कराई थी। इन दोनों मामलों की विवेचना एसआईटी कर रही है। यौन शोषण के मामले में एसआईटी पहले ही कोर्ट में पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करा चुकी है। विवेचक भी बयान दर्ज कर चुकी हैं। शनिवार को विवेचक और उनकी टीम ने आईआईटी पहुंचकर पीड़ित छात्रा के दूसरे केस में बयान दर्ज किए।

फॉरेंसिक लैब भेजा गया मोहसिन का मोबाइल
एसीपी कलक्टरगंज रहे मोहसिन खान ने डाटा डिलीट करने के बाद एसआईटी को मोबाइल सौंपा है। इसकी वजह से अब एसआईटी की टेक्निकल विंग ने डाटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजा है। साथ ही मोहसिन का मोबाइल का डाटा रिकवर करने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है ताकि मोहसिन के मोबाइल से अहम साक्ष्य मिल सकें। डाटा रिकवर होने के बाद हर बिन्दु और कड़ी को मिलाया जा सकेगा।

 
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दूसरा मोबाइल देने की आशंका
एसआईटी में शामिल एक अफसर ने बताया कि पूर्व एसीपी का मोबाइल तो देखकर लग रहा है कि वह उनका निजी मोबाइल नहीं है जिस मोबाइल से छात्रा से बातचीत, व्हॉट्सएप चैटिंग करते था। अगर जांच में एसीपी ने दूसरा मोबाइल दिया होगा तो एक बात तो साफ है कि मोहसिन के खिलाफ मोबाइल से संबंधित एक भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं मिल सकेगा।
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