इलाज में लापरवाही कर डॉक्टरों द्वारा आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में छह डॉक्टरों समेत नौ के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला ने चार्जशीट का संज्ञान लिया है। सभी को सम्मन जारी कर 14 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने को कहा गया है।
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फतेहपुर के खागा निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह 19 मई को अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। बताया था कि सांस की दिक्कत के कारण मां को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से हाथ में संक्रमण फैल गया। उन्हें पारस हॉस्पिटल रेफर किया गया जहां डॉक्टरों ने जान का खतरा बताकर उनका हाथ काट दिया था। 24 मई को रेलबाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
पुलिस ने डॉ. शिवम दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष कुमार, डॉ. तरुण कुमार, प्रसाद पी. अनंथ, रजत बजाज, डॉ. विजय कुमार चौरसिया, डॉ.अनुज मेहरोत्रा, आशीष कुमार, डॉ. धीरज उपाध्याय के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। डॉ. विजय, डॉ. अनुज, डॉ.धीरज व आशीष को जमानत मिल चुकी है जबकि बाकी पांचों ने अभी जमानत नहीं कराई है। सभी को कोर्ट ने सम्मन जारी कर दिया है।