टेंपो-ई-रिक्शा की मनमानी से बढ़ रही समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे और आसपास के मार्गों पर टेंपो व ई-रिक्शा चालक सवारी बैठाने और उतारने के लिए सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं। कई बार वाहन चालक गलत दिशा में खड़े होकर यातायात बाधित करते हैं। इससे पहले से व्यस्त सड़क पर वाहनों का दबाव और बढ़ जाता है।
जाम लगने के बाद दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों को भी निकलने में परेशानी होती है। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को होती है जिन्हें समय पर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़नी होती है।
रोज जाम से जूझ रहे शहरवासी
घंटाघर क्षेत्र में जाम की समस्या कोई नई नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक टेंपो और ई-रिक्शा की अव्यवस्थित आवाजाही के कारण आएदिन यातायात प्रभावित होता है। पीक ऑवर में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों ने यातायात पुलिस से टेंपो और ई-रिक्शा के खड़े होने की व्यवस्था तय करने, चौराहे पर प्रभावी यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि रोज लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।