इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम आलोक कुमार श्रीवास्तव ने गिरोह बनाकर डकैती की योजना बनाने के मामले में एक दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
2015 में सैफई थाने में तैनात दरोगा अवधेश कुमार अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। तभी उन्होंने मुखबिर की सूचना पर गैंग बनाकर डकैती की योजना बना रहे 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पकडे गए लोगों के पास से तमंचा, कारतूस बरामद किया गया था। पुलिस की ओर से सुनील उर्फ राम कुमार, संतोष वाल्मीकि, सलीम, छोटू उर्फ राजेश, दीपा उर्फ दीपक, राजू शाक्य, मनोज कुमार, योगेंद्र उर्फ टीटू, जितेंद्र उर्फ बबलू, पट्टे उर्फ योगेंद्र निवासी रम्पुरा भूटा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया था। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए थे। जितेंद्र उर्फ बबलू ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अपने अपराध कबूल कर लिया था। इससे कोर्ट ने उसकी पत्रावली अलग कर दी थी। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने जितेंद्र उर्फ बबलू को सात साल की सजा सुनाई है।