बांदा। शासन ने राशन वितरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया है। सवा दो लाख राशन कार्डधारकों में करीब साढ़े 13 लाख 32 हजार यूनिट के ई-केवाईसी होनी है। अभी तक महज साढ़े छह लाख यूनिटों की ही केवाईसी हुए हैं। ई-केवाईसी न कराने वाले सात लाख यूनिटों के राशन पर संकट खड़ा हो सकता है। डीएसओ ने 30 सितंबर तक का समय दिया है।
जनपद में करीब सवा दो लाख राशनकार्ड धारक हैं। इन्हें शासन की ओर से हर माह मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इनमें तमाम ऐसे हैं, जिनके परिवार के सदस्य स्वर्ग सिधार चुके हैं या फिर शादी के बाद दूसरी जगह बस चुके हैं। इसके बावजूद इनके नाम का राशन बांटा जा रहा है। इसके सत्यापन के लिए शासन ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। एक अगस्त से सभी कोटेदारों के यहां राशनकार्ड धारकों के मुफ्त ई-केवाईसी कराए जा रहे हैं। जनपद में 13 लाख 32 हजार 777 यूनिट हैं। इनमें अभी तक छह लाख 12 हजार 440 ने यूनिट के ही ई-केवाईसी हुए हैं। जबकि सात यूनिटों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि कि 30 सितंबर तक सभी कार्डधारक अपने परिवार के सदस्यों (यूनिटों) की ई-केवाईसी जरूर करा लें। अन्यथा अगले माह उनके राशन वितरण में दिक्कत हो सकती है।
-
-जनपद के सभी राशनकार्ड धारक हर हाल में 30 सितंबर तक ई-केवाईसी करा लें। कोटेदारों के यह सुविधा मुफ्त है और कोई शुल्क नहीं है।
-उबैदुर्रहमान, जिला पूर्ति अधिकारी, बांदा