बरसाती बीमारियां बेकाबू हो रही हैं। हैलट में दिमागी बुखार (मेनिनजाइटिस) के सात रोगी भर्ती किए गए हैं। एक और रोगी को डेंगू की पुष्टि हुई है। गुरुवार को डेंगू संदिग्ध आठ रोगियों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
मलेरिया और चिकुनगुनिया के लक्षणों वाले रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वायरल संक्रमण के बाद सेप्टीसीमिया होने से दो रोगियों की मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी और वार्ड फुल हो गए हैं। यहां एक बेड पर दो रोगियों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
उर्सला में भी बेड फुल हो गए हैं। मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलोजी विभाग ने एक और रोगी को डेंगू की पुष्टि कर दी है। डेंगू रोगी सत्यप्रकाश (19) का इलाज हैलट में चल रहा है। पुष्ट डेंगू रोगियों की संख्या अब नौ हो गई है।
इसके अलावा डिप्टी का पड़ाव क्षेत्र के वायरल फीवर के रोगी साहिल (55) की हैलट में मौत हो गई। चकेरी की कमलावती (65) की सेप्टीसीमिया से मौत हुई। दिमागी बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
डाक्टरों का कहना है कि बरसात के सीजन में मेनिनजाइटिस के रोगी बढ़ जाते हैं। उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुन्नालाल ने बताया कि वार्ड फुल हो गए हैं। अधिकांश रोगी बुखार के हैं।