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विशुनगढ़ थानाध्यक्ष के खिलाफ लगे खास दल के लिए वोट मांगने का आरोप, गर्भवती ने सुनाई दर्दनाक कहानी

Tue, 16 Apr 2019 12:30 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी पुलिस फाइल फोटो
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कन्नौज के विशुनगढ़ थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने, घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता करने, बेकसूर युवकों को पकड़कर पीटने का आरोप लगाया है। राज्यमंत्री अर्चना पांडेय और क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। 

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सोमवार सुबह विशुनगढ़ कस्बे की कई महिलाएं ग्रामीणों के साथ मोहल्ला बजरिया स्थित राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के आवास पर पहुंच गईं। आठ माह की गर्भवती काजल पत्नी मोहित ने रोते हुए बताया कि कई पुलिस वाले रविवार रात में उसके कमरे में घुस आए। बिना कुछ बताए तलाशी लेने लगे। पूछने पर अभद्रता कर गालीगलौज करने लगे।


 

दरोगा उन लोगों पर एक पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बना रहे हैं

सास मीरा को धक्का दे दिया। पुलिस पति की बुलेट बाइक घर से उठा ले गई। पति रोडवेज में संविदा पर काम करते हैं। गांव के लालाराम पुत्र मुंशीलाल ने बताया कि वह भतीजी का तिलक चढ़ाने कंपिल गए थे। इस दौरान पुलिस वाले बाइक घर से उठा ले गए। मीरा पत्नी रघुवीर ने बताया कि पुलिस वाले उसके पुत्र दिलीप को पकड़ ले गए।

महिलाओं का आरोप है कि विशुनगढ़ थाने के दरोगा उन लोगों पर एक पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बना रहे हैं। उन लोगों के अनसुना करने पर  पुलिस वालों ने उत्पीड़न शुरू कर दिया।  राज्यमंत्री अर्चना पांडेय को समस्या बताने के बाद गांव के लोगों ने क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से न्याय की गुहार लगाई। 

 
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राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह से की बात

राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह को फोन कर पार्टी विशेष के लिए काम करने वाले आरोपी थानेदार करुणा निधि सरोज को वहां से हटाने की बात कही। उधर, इस मामले में क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता पाएंगे।

विशुनगढ़ थानाध्यक्ष करुणा निधि सरोज ने बताया कि बाइक चोरी का एक मामला था। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया गया था। बाइक भी संदेह के आधार पर लाई गई है। वादी से पहचान कराई तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद थाने लाए गए लोगों को छोड़ दिया गया। महिलाओं ने जो भी आरोप लगाए, वह बेबुनियाद हैं।
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