चित्रकूट में सदर कोतवाली क्षेत्र के मानिकपुर मार्ग किनारे शुक्रवार की दोपहर भेड़ चराने वाले पिता पुत्र के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक पहाड़ी थानाक्षेत्र के सकरौली गांव निवासी थे। मृतकों के परिजनों ने भेड़ लूटकर हत्या करने का आरोप लगाया है जबकि पुलिस अधिकारी हत्या की बात से इंकार कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। परिजनों के अनुसार इनके पास साढे तीन सौ से अधिक भेड़ थीं जो मौके पर लगभग पौने दो सौ ही मिली हैं। मृतकों के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं है। जिससे यह गुत्थी उलझ गई है। शव मिलने के स्थान से कुछ ही दूरी पर पुलिस लाइन है।
शुक्रवार की दोपहर लगभग एक बजे कुछ चरवाहों ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के खोह गांव के मानिकपुर मार्ग किनारे दो शव पड़े हैं। सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर एसपी अंकित मित्तल, अपर एसपी बलवंत चौधरी व कोतवाल अनिल सिंह मय फोर्स पहुंचे।
मृतकों के जेब से मिले कागज पर लिखे मोबाइल नंबर से इनकी शिनाख्त पहाडी थाना क्षेत्र के सकरौली गांव के देवीदयाल पाल (78) पुत्र गया प्रसाद, बडे बेटे देवीदीन (50) के रूप में की गई। इसके बाद परिजनों को मौके पर बुलाया गया। मौके पर पहुंचे मृतक देवीदीन के पुत्र मनोज व चाचा के पुत्र संतोष ने बताया कि लगभग चार माह पूर्व लगभग साढ़े तीन सौ से अधिक भेंड व एक दर्जन बकरियां चराने को गांव से निकले थे।
राजापुर क्षेत्र के सिकरी, भदेदू, खोपा आदि गांवों से चराते हुए गत दिवस मुख्यालय से सटे खोह पुलिस लाइन के समीप भेंड़ों का पड़ाव डाला था।नये साल एक जनवरी को पिता और बड़े भाई से मिलने के बाद वह घर आ गया। करीब दो बजे पुलिस ने पिता व भाई के शव मिलने की जानकारी दी तो होश उड गए।