कानपुर। जनगणना-2027 के तहत कानपुर में करीब 10,500 कार्मिक घर-घर जाकर जनसंख्या संबंधी आंकड़े जुटाएंगे। इसके लिए 16 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन स्वगणना होगी, जबकि एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक घर-घर गणना की जाएगी। पांच से नौ जनवरी तक आंकड़ों का पुनरीक्षण होगा। जनगणना डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, इसके लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मोबाइल एप और डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मंगलवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में जोन-4 के प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण सत्र में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की नीतियों, विकास योजनाओं और संसाधनों के नियोजन का आधार हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार का विवरण सावधानी से दर्ज किया जाए और कोई भी व्यक्ति गणना से वंचित न रहे। मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों और गैर-अधिसूचित बस्तियों में रहने वालों की गणना सुनिश्चित करने के साथ जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यों में समन्वय बनाए रखने को भी कहा।
40 सवालों से जुटेगी जानकारी
जनगणना के दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़े 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, दिव्यांगता, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, जन्मस्थान आदि की जानकारी शामिल होगी। डिजिटल साक्षरता, अन्य भाषाओं का ज्ञान, बच्चों की संख्या और कोविड टीकाकरण से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट संबंधी विवरण भी प्रश्नावली में शामिल हैं, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा।
समय पर काम पूरा करने के निर्देश
डीएम ने आगामी निर्वाचन संबंधी गतिविधियों और आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए निर्धारित समय-सारिणी का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्मिकों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए, ताकि आंकड़े सटीक और पूर्ण हों।