रामनाथ कोविंद के गांव में जबरदस्त जश्न का माहौल है। जीत का जश्न ऐसा की हर दिशा में कोविंद की जय-जय कार के नारे गूंज रहे है और जश्न में सराबोर नजर आ रहा उनके गांव का हर शख्स...
रामनाथ कोविंद के भाई प्यारेलाल अपनी कपड़ों की दुकान पर अपने दो बेटों के साथ
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कानपुर देहात के झींझक के मेन बाजार से लेकर कोविंद के गांव परौख की चौपालों तक भव्य नजारा देखने को मिल रहा है। मिठाईयां बांटी जा रही है। लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। बता दें बाजार में कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल कोविंद की दुकान है। यहां सभी व्यापारी उन्हें जीत की बधाई देने आ रहै हैं। उन्होंने अपनी दुकान खुली रखी है। इनके साथ उनके दो बेटे पंकज और दीपक वहां हाथ बंटा रहे हैं।
रामनाथ कोविंद के घर पर जश्न का माहौल
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
उधर कोविंद के घर पर अलग ही नजारा है। यहां सुबह से लोगों का तांता लगा है। आंगन में ही एक बड़ा सा टीवी लगाया गया है। जिसके बगल में ही डीजे बज रहा है। साथ ही साथ ढोल बज रहा है। यहां तो राष्ट्रपति चुनाव की काउंटिंग शुरू होते ही लोग जश्न मनाने लगे थे।
कोविंद की जीत के लिए हवन करते गांव वाले
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कोविंद की जीत के लिए उनके गांव में एक विशेष हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यहां लोग उनकी जीत के मंत्र पढ़ रहे हैं। और यज्ञ में आहुतियों के साथ उनके मंगलकामना की प्रार्थना कर रहे है।
कोविंद के गांव में नाचते हुए युवा
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वहीं गली मोहल्लों में ढोल पर झूमते युवा और गांव के छोटे बच्चे कोविंद के नारे लगाते फिर रहे हैं। यहां हर तरफ एक जैसा ही नजारा है। गांव की महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं। कोविंद की जीत के जश्न में वे भी बराबरी का हिस्सा ले रही हैं और ढोल पर नाच रही हैं और गीत गाकर खुशियां मना रही हैं।
कोविंद के गांव की चौपाल में जश्न मनाते लोग
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तो बूढ़े और जवान चौपालों में गाने-बजाने का कार्यक्रम कर रहे हैं। यहां इनकी मंडली अलग से खुशियां व्यक्त कर रही है। बीच-बीच में रेडियो और टीवी पर वोटों की गिनती का जायजा ले रहे हैं। गांव के बूढ़ों को कोविंद की ही आस हैं। ये सभी चाहते हैं कि कोविंद की ही जीत हो। बता दें संसद भवन में गुरुवार सुबह 11 बजे से राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती शुरू हो गई और करीब 5 बजे तक नतीजे आ जाने की संभावना है।