फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: कचहरी में निगहबानी के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते सुरक्षाकर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। कचहरी में गुरुवार को न्यायालय भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर प्रशिक्षु अधिवक्ता की खुदकुशी का मामला भले ही पारिवारिक हो लेकिन उसकी मौत का तरीका कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है। कचहरी की सुरक्षा के लिए दो साल पहले विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) की तैनाती की गई थी। ये कचहरी में निगहबानी के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। छह महीने में न्यायालय भवन से कूदकर हुई खुदकुशी की दो घटनाओं के अलावा पिछले दिनों अदालत के बाहर वादकारी के पास से कुल्हाड़ी बरामद होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
विज्ञापन

दावा किया गया था कि एसएसएफ कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है इनकी पैनी निगाह दूर से ही संदिग्ध व्यक्ति को पहचान लेगी। इनके रहते न्यायालय परिसर में कोई भी व्यक्ति असलहा या प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर नहीं जा सकेगा। किसी की भी गतिविधि संदिग्ध दिखने पर एसएसएफ कर्मी उसे रोककर पूछताछ करने के साथ ही उसके सामान की तलाशी भी ले सकेंगे लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत दिखाई देती है। एसएसएफ कर्मियों की तैनाती सिर्फ सुबह आने और शाम को जाने के समय न्यायिक अधिकारियों को सैल्यूट करने तक ही सीमित दिखती है। ज्यादातर कर्मी एक जगह पर ही झुंड बनाकर इकट्ठा दिखते हैं और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं जबकि कई लोग बेवजह बेरोकटोक न्यायालय भवन में घूमते रहते हैं। मुकदमों के चलते न्यायालय में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना रहता है ऐसे में छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।



मजबूत जालियां लगाई जाएं
न्यायालय भवन के चारों ओर मजबूत जालियां लगाई जानी चाहिए। बेवजह खुली जगहों को दीवार बनाकर बंद किया जाना चाहिए। सुरक्षा में तैनात पुलिस व विशेष सुरक्षा बल के जवानों की ड्यूटी के प्रति सतर्कता जरूरी है। चप्पे-चप्पे पर निगाह होनी चाहिए। - बिनय कुमार मिश्रा, महामंत्री-बार एसोसिएशन
विज्ञापन



सुरक्षाकर्मी सतर्कता बरतें
न्यायालय भवन की टूटी जालियां, खराब लिफ्ट व अन्य व्यवस्थाओं को ठीक कराया जाना चाहिए। सुरक्षाकर्मियों को भी ड्यूटी के नाम पर खानापूरी करने के बजाय सतर्कता बरतनी चाहिए। अप्रिय घटनाओं को पूरी तरह से रोका भले ही न जा सके पर टाला जरूर जा सकता है। - राजीव यादव, महामंत्री-लॉयर्स एसोसिएशन
हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखें
न्यायालय भवन की हर मंजिल पर पाॅइंट चिह्नित करके एसएसएफ कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। एसएसएफ कर्मी ड्यूटी के समय मुस्तैद रहें और पैनी निगाह से हर आने-जाने वाले की गतिविधि पर कड़ी नजर रखें तो अप्रिय घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है। - ज्ञान प्रकाश पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता


ड्यूटी के समय रील्स देखने पर मिले दंड
ड्यूटी के समय मोबाइल पर वीडियो या रील्स देखने वाले पुलिस या एसएसएफ कर्मियों को दंडित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। एक जगह पर खड़े रहने के बजाय अगर सुरक्षा कर्मी घूमते-फिरते रहें तो संदिग्ध लोगों में उनके प्रति दहशत रहेगी और अप्रिय घटनाएं रुकेंगी। - सुरेश सिंह चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें