वेश्यावृत्ति के लिए बांग्लादेश से बिना पासपोर्ट-वीजा के लाई गई युवती के मामले में विवेचक ने अपने बयान अपर जिला जज सप्तम अभिषेक उपाध्याय की अदालत में दर्ज कराए। बताया कि पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान के आधार पर चार्जशीट में वेश्यावृत्ति की धारा बढ़ाई गई थी।
गिरफ्तारी के एक दिन बाद पीड़िता के बयान कोर्ट में हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसे राजकीय बालिका गृह भेज दिया गया था। कौशांबी के सैनी थाने में तैनात एसआई अजहर जमाल ने बयान में कहा कि घटना के समय वह जीआरपी कानपुर में तैनात थे और उन्होंने ही मामले की विवेचना शुरू की थी।
इसके बाद विवेचना स्थानांतरित हो गई थी। रिजर्व पुलिस लाइन फतेहगढ़ में तैनात सिपाही चंद्रशेखर के बयान भी शनिवार को दर्ज हुए। चंद्रशेखर की अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस में स्कॉर्ट ड्यूटी थी। चंद्रशेखर ने कठघरे में खड़े अब्दुल रज्जाक व मो.अयास को पहचानकर बताया कि इन्हीं दोनों युवकों के साथ बांग्लादेशी किशोरी को पकड़ा गया था। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व विवेक शुक्ला ने बताया कि छह गवाह पेश हो चुके हैं। अगली गवाही दो फरवरी को होगी।