रेलवे बढ़ते हादसों व अन्य परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में जब रेलवे के ही जिम्मेदार अधिकारी विभाग को चूना लगाने में नहीं चूकेंगे तो फिर रेलवे का बेड़ा भगवान ही पार कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में देखने को मिला है जहां रेलवे का एक सेक्शन इंजीनियर पटरियों को गैस कटर से काटकर ट्रक में लदवा रहा था।
एक साल पहले शुरू हुए इटावा-भिंड रेल मार्ग पर इटावा में बने उदी स्टेशन पर रखी रेल पटरियों में बड़े पैमाने पर चोरी का मामला सामने आया है। इटावा भिंड रेल लाइन बिछाने वाला सीनियर सेक्शन इंजीनियर चोरी करते पकड़ा गया। आरपीएफ ने गैस कटर से पटरियों को काट कर ट्रक में लादते हुए गिरफ्तार किया। मामला रेलवे झांसी मंडल के अधीन होने के कारण भिंड आरपीएफ ट्रक को अपने साथ ले गई। स्टेशन मास्टर के अनुसार अभी तक काफी समान चोरी कर सीनियर इंजीनियर बेच चुका है।
पटरियों को चुरा-चुरा कर लाखों रुपये के कई ट्रक पटरियां बेच चुका हैं
उदी रेलवे स्टेशन परिसर में पड़ी रेल पटरियां।
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात उदी मोड़ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुजेश मेहता को गिरफ्तार कर लिया। वह पटरियों को गैस वेल्डिंग से कटवाकर छोटे-छोटे पीस करके ट्रक में भरवा रहे थे । आरपीएफ ने पूछताछ में ट्रक से जरूरी कागजात न दिखा पाने पर गिरफ्तार कर लिया। गहन पूछताछ पर पता चला कि इस तरह से पटरियों को चुरा-चुरा कर लाखों रुपये के कई ट्रक पटरियां बेच चुका हैं। आरपीएफ ने चोरी के आरोप में ट्रक, चालक, हेल्पर एवं गैस मिस्त्री के साथ उसे भिंड मध्यप्रदेश जेल भेज दिया। इस सूचना पर आरपीएफ आईजी एसके सिंह ने उदी मोड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। साथ ही कटा हुआ रेल पीस का भी निरीक्षण किया। आईजी ने बताया कि रेल संपत्ति चोरी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत करके जेल भेज दिया गया है। प्रमुख बात ये है कि इटावा से भिंड रेलवे लाइन बिछाने के इंचार्ज भी यही इंजीनियर थे।