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स्कूली वैन में विस्फोट से दहशत

Wed, 13 Sep 2017 03:54 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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वैन में विस्फोट के बाद मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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शासन और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाजजूद स्कूल प्रबंधन सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कम खर्चा और ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बच्चों के जिंदगी से खिलवाड़ पर खिलवाड़ हो रहा है। 
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कस्बे के मोहल्ला कासूपेट में मंगलवार दोपहर एक पब्लिक स्कूल के बाहर स्कूली वैन में घरेलू गैस सिलेंडर से रिफलिंग के दौरान विस्फोट हो गया। विस्फोट में वैन के परखच्चे उड़ गए और इसके टुकड़े आसपास के घरों की छतों पर जाकर गिरे। घटना से लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने विद्यालय को सील कर दिया है। 

मोहल्ला कासूपेट में अल्लामा इकबाल पब्लिक स्कूल है। कक्षा 8 तक के इस स्कूल को कस्बे के लोग एई पब्लिक स्कूल के नाम से जानते हैं। स्कूल में बच्चों के लिए वैन लगी है। मंगलवार दोपहर बाद चालक बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अतरछा निवासी पंकज वैन में घरेलू गैस सिलेंडर से गैस भर रहा था। इसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इसमें वैन के परखच्चे उड़ गए और पंकज घायल हो गया। तेज धमाके के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि स्कूली बच्चे वैन में नहीं थे। उपजिलाधिकारी अशोक प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह, कोतवाल सतेंद्र सिंह और खंड शिक्षाधिकारी सुशील कुमार कनौजिया मौके पर पहुंचे और जांच की।
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बिना मान्यता चल रहा था विद्यालय 
खंड शिक्षाधिकारी सुशील कुमार कनौजिया ने बताया कि विद्यालय के प्रबंधक जायर हुसैन हैं। विद्यालय को मदरसा शिक्षा परिषद से फौकानिया स्तर तक की मान्यता है लेकिन इसकी आड़ में पब्लिक स्कूल संचालित किया जा रहा है। अहम बात ये है कि विद्यालय की दो शाखाएं संचालित हो रही हैं। मुख्य विद्यालय मोहल्ला सैय्यदवाड़ा ऊपर कोट के निकट है और दूसरी शाखा कासूपेट मेें है। 

दो मकान क्षतिग्रस्त 
विस्फोट के दौरान हुए तेज धमाके से दहशत फैल गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक वैन के परखच्चे आसपास के घरों में गिरने लगे। कासूपेट में रहने वाले सर्वेश के मकान की दीवार दरक गई। वैन का मलबा उनके घर के बाहर पड़े छप्पर पर जा गिरा, जिससे छप्पर भी बेकार हो गया। अतहर अब्बास रिजवी की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। 

 
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विस्फोट के बाद आसपास फैला मलबा - फोटो : अमर उजाला
सीढ़ी लगाकर निकाले गए बच्चे 
घटना के समय स्कूूल में 200 से अधिक बच्चे मौजूद थे। वैन में विस्फोट के बाद स्कूल गेट तक भी लपटें पहुंच रही थीं। ऐसे में उन्हें किसी हादसे बचाने को पड़ोसियों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बाउंड्री पर सीढ़ी लगाकर बच्चों को बाहर निकलवाया। 
 
 सिर्फ औपचारिकता हो रही पूरी 
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डाक्टर मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बिना मान्यता अथवा गैर कानूनी ढंग से संचालित हो रहे विद्यालयों पर शिकंजा कसा था। बड़ी संख्या में एफआईआर हुईं और नोटिस भी दी गई। इसके बावजूद गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का संचालन होना कहीं न कहीं ये दर्शाता है कि विद्यालयों की जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है। 


गैस रिफलिंग का धंधा जोरों पर 
जिस वैन में हादसा हुआ वह एलपीजी की नहीं थी। किट लगवाकर उसमें एलपीजी का प्रयोग किया जा रहा था। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रर्वतन की ओर से कार्रवाई का दावा किया जाता है, लेकिन गैस रिफलिंग से लेकर गैस से चलने वाले वाहनों को अवैध रूप से हरी झंडी भी दिखा दी गई है।
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