कानपुर। फीस नहीं जमा होने से बिधनू के एक गांव की दो छात्राओं को स्कूल प्रबंधन ने सोमवार को हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा देने से रोक दिया। जानकारी पर अभिभावकों ने विरोध किया तो एक छात्रा को परीक्षा में प्रवेश मिला। वहीं, दूसरी छात्रा को फीस के पांच हजार रुपये जमा करने के बाद परीक्षा में शामिल किया गया। इस दौरान आधे घंटे बीत चुके थे।
बिधनू क्षेत्र निवासी अनिल की बेटी गांव के कॉलेज में ही हाईस्कूल की छात्रा है। वह सुबह आठ बजे परीक्षा देने स्कूल पहुंची तो प्रबंधन ने फीस के 20 हजार रुपये जमा न होने की बात कहते हुए बाहर कर दिया। छात्रा रोते हुए घर वापस गई तो पांच हजार रुपये लेकर लौटी।
इसे जमा करने के बाद उसे आधे घंटे देरी से परीक्षा देने की अनुमति दी गई। वहीं, इसी गांव के निवासी संतोष की बेटी भी हाईस्कूल की परीक्षा देने पहुंची तो प्रबंधन ने 13,600 रुपये फीस जमा न होने की बात कहते हुए उसे बाहर कर दिया।
उसने बताया कि दो दिन पहले पिता ने 10 प्रतिशत ब्याज में कर्ज लेकर 7000 रुपये फीस जमा की थी। बाकी रुपयों का इंतजाम न होने से फीस जमा नहीं हो पाई। हालांकि स्कूल के बाहर मौजूद अन्य अभिभावकों के विरोध करने पर उसे आधे घंटे देरी से परीक्षा कक्ष में बैठाया गया।