हाथरस में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व राधारानी महाविद्यालय के प्रबंधक समेत चार के खिलाफ गुरुवार को एफआईआर दर्ज की। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी भी होगी।
एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि वर्ष 2009-10 व 2010-11 में जुलाहपुर सिकंदरा स्थित श्री राधारानी महाविद्यालय को छात्रवृत्ति के लिए 52 लाख 404 रुपये जारी किए गए थे। ये रकम प्रबंधन ने अफसरों के साथ मिलकर हड़प ली थी।
ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवकुमार की जांच में पता चला है कि हाथरस के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह के साथ मिलीभगत कर कॉलेज प्रबंधक शिवकुमार, प्राचार्य यशपाल गुप्ता और पटल सहायक कुंवरपाल सिंह ने छात्रवृत्ति की रकम पार कर दी।
जांच के दौरान ये भी पता चला कि जिन खातों की जानकारी आरोपियों ने ईओडब्ल्यू को दी, वह गलत थी। रकम अन्य खातों में ट्रांसफर हुई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। एसपी ने बताया कि आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।