फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'बैंक घोटाला', कोआपरेटिव बैंक शाखा सील, सचिव निलंबित, ग्राहक परेशान

Tue, 11 Sep 2018 07:46 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
यूपीः फर्रुखाबाद डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक शाखा कायमगंज में घोटाला और किसान सेवा सहकारी समिति कायमगंज दक्षिणी में गबन का मामला सामने आया है। सचिव को निलंबित कर दिया गया है। अपर जिला कोआपरेटिव अधिकारी (एडीसीओ) ने पुलिस बल के साथ जाकर समिति और बैंक और चार गोदामों को सील कर दिया है। भुगतान न होने से गन्ना किसान व ग्राहक परेशान हैं।
विज्ञापन



चार माह पहले किसान सेवा समिति दक्षिणी के वर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार ने एआर कोआपरेटिव को शिकायत की थी। इसमें कहा था कि समिति परिसर में किसके आदेश पर दुकानें किराये पर दी गई हैं और इसका किराया किस खाते में जमा हो रहा है। मामले की छानबीन शुरू हुई तो बैंक व समिति में घोटाले खुलने शुरू  हो गए। इसमें ऋण वसूली, बैंक में ग्राहकों का जमा धन आदि की परतें खुलती चली गईं।

 

चार गोदामों को भी सील कर दिया गया

डेमो पिक
सोमवार को अपर जिला सहकारी अधिकारी विनोद कटियार, जिला कोआपरेेटिव बैंक कायमगंज शाखा प्रबंधक वीरेंद्र सिंह कोतवाली पहुंचे। उन्होंने सीओ राजवीर सिंह व इंस्पेक्टर जसवंत सिंह से फोर्स की मांग की। इंस्पेक्टर ने बैंक में पुलिस फोर्स को भेजा। समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पुलिस की मौजूदगी में बैंक व समिति को सील कर दिया। वहीं, चार गोदामों को भी सील कर दिया गया।


एडीसीओ ने बताया कि बैंक में 45 लाख व समिति में 8 लाख रुपये का घोटाला प्रकाश में आया है। घोटाले की रकम एक करोड़ से अधिक पहुंच सकती है। इसलिए दोनों को सील कर दिया गया है। बाद में डीएम के आदेश पर सील खोलकर अभिलेखीय जांच की जाएगी। सचिव श्याम सिंह को सात सितंबर को निलंबित कर दिया गया है। उनके पास इसके अलावा जिला सहकारी संघ बरखेड़ा, कंपिल सहकारी संघ व पपड़ी खुद का भी चार्ज था।


 
विज्ञापन

शाखा प्रबंधक, सचिव समेत चार के खिलाफ दी तहरीर

डेमो पिक
एडीसीओ ने बताया कि अभी तक जांच में जून 2015 से जुलाई 2018 के कागजों की जांच में बैंक में 45 लाख और सहकारी समिति दक्षिणी में आठ लाख रुपये के घोटाले की बात सामने आई है। यह घोटाला लेन देन में किया गया है। कई ऐसे वाउचर सामने आए हैं, जिनका कागजों में भुगतान हो गया है, लेकिन ग्राहक को पैसा नहीं मिला है। कुछ धन ऐसा भी है जो यहां से क्रय विक्रय समिति को भेजना दिखाया गया है, लेकिन वह धन वहां नहीं पहुंचा है। अभी मामले की जांच चल रही है। यह घोटाले की रकम और बढ़ सकती है। निलंबित किए गए सचिव श्याम सिंह यादव कागज उपलब्ध नहीं करा रहे थे। इसके चलते बैंक व समिति को सील करना पड़ा। जांच पूरी होने के बाद ही अब ग्राहकों को भुगतान हो सकेगा।


कोतवाली क्षेत्र के गांव पपड़ी स्थित सहकारी समिति में श्याम सिंह सचिव थे। 1 जून 2014 को उन्होंने कृष्णकांत की लेखाकार के पद पर फर्जी नियुक्ति कर 2017 तक का एक लाख दो हजार वेतन निकाल लिया। विभागीय जांच के बाद एडीसीओ विनोद कुमार ने शाखा प्रबंधक, सचिव श्याम सिंह, समिति अध्यक्ष व कृष्णकांत के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर जसवंत सिंह ने बताया जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें