स्वरूपनगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने रखकर बेफिक्र हुई महिला का लॉकर अचानक खाली मिलने के सनसनीखेज मामले में पुलिस का शिकंजा कस गया है। पीड़िता की शिकायत और पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के कड़े आदेश के बाद स्वरूपनगर पुलिस ने बैंक के शाखा प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अमानत में खयानत की गंभीर धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
21 साल पुराना लॉकर, विलय के बाद बना 'रहस्य'
कौशलपुरी निवासी पीड़िता रश्मि अरोड़ा ने 26 फरवरी 2003 को स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की स्वरूपनगर शाखा में बचत खाता खुलवाकर लॉकर नंबर 23 आवंटित कराया था। रश्मि के अनुसार, लॉकर में लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के पुश्तैनी सोने-चांदी के आभूषण रखे थे।
21 जुलाई को किराया जमा, 27 जुलाई को लॉकर खाली!
बाद में खाते के दस्तावेज दिखाने और किराए की बकाया रकम के नाम पर पीड़िता से 21 जुलाई को पैसे जमा कराए गए। इसके बाद जब 27 जुलाई की दोपहर करीब 3:15 बजे रश्मि चाबी लेकर बैंक पहुँचीं और लॉकर खोला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 50 लाख के गहनों से भरा लॉकर पूरी तरह खाली था। मौके पर पहुँचे बैंककर्मी और पुलिस अधिकारी भी पीड़िता को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
कमिश्नर के आदेश पर एफआईआर, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
पीड़िता रश्मि अरोड़ा का आरोप है कि बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों ने आपस में साजिश रचकर उनके 50 लाख के गहने हड़प लिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जन शिकायत प्रकोष्ठ के जरिए शिकायत मिलने पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने 6 अगस्त को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।