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सावन 2019: शनि-गुरु वक्री, शिव उपासना से मिलेगा विशेष फल, प्रतिदिन करें बस ये उपाय

Wed, 17 Jul 2019 05:12 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सावन 2019 - फोटो : अमर उजाला
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श्रावण मास आज से उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में शुरू हो गया है। साथ ही 15 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन श्रवण नक्षत्र में समाप्त होगा। इस समय गोचर में गुरु और शनि वक्री हैं। जब कोई ग्रह वक्री होता है, तो और अधिक ऊर्जावान होता है। दोनों ही साधना के कारक ग्रह हैं। शिव की साधना में शनि और गुरु का वक्री होना विशेष फलदायी होता है।
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आचार्य अमरेश मिश्रा और पंडित मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्रावण मास का शुभारंभ शनि-गुरु की वक्री स्थिति में होगा। सूर्य और चंद्र कभी वक्री नहीं रहते है। सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। इसमें 29 जुलाई व 12 अगस्त को सोम प्रदोष पड़ेगा।

पांच अगस्त को नागपंचमी सोमवार के दिन है। उन्होंने बताया कि अध्यात्मिक ऊर्जा के लिए गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। ऐसा 17 जुलाई से 15 अगस्त तक नियमित करें। आपको जीवन में परिवर्तन मिलेगा।
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सावन में ऐसे करें अभिषेक
- तेल का प्रयोग न करें तो आयु में वृद्धि होगी।
- दूध और दूध के बनें पदार्थों का त्याग करें तो धन वृद्धि और वंश वृद्धि होगी।
- अगर धन चाहिए तो गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।
- बुद्धि के लिए पंचामृत से अभिषेक करें।
- मन की पवित्रता के लिए जल से अभिषेक करें।
- वैभव के लिए दूध से अभिषेक करें।
- अध्यात्मिक ऊर्जा के लिए गंगाजल से अभिषेक करें।
- सफेद या पीले वस्त्र पहनकर अभिषेक करें।
- काला, नीला, गहरे लाल रंग को पहन कर अभिषेक न करें।
- स्वयं और परिवार केलिए ऊं नम: शिवाय का जप करें।

सावन पर एक नजर
22 जुलाई को-पहला सोमवार
28 जुलाई को-कामदा एकादशी
29 जुलाई को-सोम प्रदोष (दूसरा सोमवार)
5 अगस्त को-नागपंचमी (तीसरा सोमवार)
11 अगस्त को-पुत्रदा एकादशी
12 अगस्त को सोम प्रदोष (चौथा सोमवार)
15 अगस्त को-रक्षा बंधन
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आनंदेश्वर मंदिर, परमट 
सावन के पहले सोमवार पर रात 2:30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। अन्य दिन भोर में 4.30 बजे पट खुलेंगे। मंदिर के पट रात 11.30 बजे बंद होकर एक बजे खुलेंगे। इसके बाद शाम को 7.30 बजे पट बंद होंगे और 9 बजे खुलेंगे। सोमवार को रात को 8.30 बजे बंद होंगे और 9 बजे खुलेंगे। मंदिर के महंत रमेशपुरी ने बताया कि पूरे श्रावण मास में भक्तों की ओर से शयन शृंगार होगा। पार्किंग निशुल्क होगी। परमट तिराहे की ओर पेट्रोल पंप तक चार पहिया वाहन आएंगे। जबकि दो पहिया वाहन बक्कल मैदान तक आएंगे। ग्रीनपार्क की ओर सेंट्रल बैंक तिराहे तक वाहन आएंगे।

जागेश्वर मंदिर, नवाबगंज 
मंदिर के पट प्रतिदिन भोर में 3.45 बजे खुलेंगे। 11.45 बजे बंद होंगे और 12.05 बजे खुलेंगे। इसके बाद रात को शयन आरती 9.45 बजे होकर पट बंद होंगे। सोमवार के दिन शयन आरती रात 10.30 बजे होगी। मंदिर के सर्वराकर प्राण ने बताया कि दूसरे सोमवार को दंगल होगा। वाहन पार्किंग मंदिर के बगल में स्थित मैदान में नि:शुल्क होगी।

सिद्धनाथ मंदिर, जाजमऊ
मंदिर के पट भोर में 4 बजे खुलेंगे। सोमवार के दिन भोर में 3 बजे से पट खुलेंगे। इसके बाद दोपहर में 12 बजे पट बंद होंगे और 12.30 बजे खुलेंगे। फिर देर रात 11 बजे पट बंद होंगे। सोमवार के दिन रात में 11.30 बजे आरती के बाद पट रात 12 बजे बंद होंगे। मंदिर के पुजारी मुन्नीलाल पांडेय ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन रूद्राभिषेक होगा। पार्किंग मनोहर लाल इंटर कॉलेज के आसपास खाली पड़ी जगह पर नि:शुल्क होगी।

वनखंडेश्वर मंदिर, पी रोड 
मंदिर के पट सुबह पांच बजे खुलेंगे। सोमवार को भोर में चार बजे से पट खुलेंगे। इसके बाद दोपहर एक बजे पट बंद होकर शाम को चार बजे खुलेंगे और रात में 10 बजे बंद होंगे।  सोमवार के दिन दोपहर में पट खुले रहेंगे और रात में 11 बजे बंद होंगे। बाबा वनखंडेश्वर समिति के अध्यक्ष रमेश दीक्षित ने बताया कि सावन मास में मंदिर में चार श्रृंगार बर्फ, फूल, पेड़ पौधों तथा मेवा का होता है।
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