कोरोना महामारी के बीच टिड्डी दल के रूप में एक और खतरा मंडरा रहा है। ये टिड्डी दल आने वाले दिनों में किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। शासन के बाद जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने भी बुधवार को निर्देश जारी कर कहा कि किसान टिड्डी दल से लड़ने के लिए तैयार रहें। बताया टिड्डी एक प्रकार का कीड़ा होता है।
ये लाखों और करोड़ों के झुंड में चलती हैं। सैकड़ों बीघा फसल को कुछ ही देर में चट कर जाती हैं। बचाव के कुछ दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। कहा गया है कि टिड्डी के खेतों में पहुंचने पर टिन के डिब्बे, ढोल, थालियां आदि से आवाज करें। ये शोर में नहीं रुकतीं।
इनका कर सकते हैं छिड़काव
1. मैलाथियान 96 प्रतिशत यूएलवी का छिड़काव करें।
2. टिड्डी दल के हमला मध्यम स्तर का है तो कृषक एक साथ मिलकर क्लोरपाइरीफॉस 20 प्रति ईसी या लैमडासाईलोथिन 5 प्रति ईसी का छिड़काव करें। ईसी कीटनाशक को मापने की इकाई है।
3. नीम ऑयल की 40 एमएल मात्रा को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ मिलाकर टंकी पानी में डालकर छिड़काव करने से टिड्डी फसल को नहीं खा पाती है।
कृषि रक्षा अधिकारियों से लें सुझाव
कानपुर नगर : 8909670610
कानपुर देहात : 9794666005
फर्रुखाबाद : 9415487705
कन्नौज : 9415168795
इटावा : 8052582187
औरैया : 8272893015