कानपुर के जाजमऊ में दस वर्ष पहले हुए सीताराम कुरील हत्याकांड में भी सऊद अख्तर आरोपी था। घर की कुर्की तक हो गई लेकिन आज तक वो इस केस में जेल नहीं गया जबकि केस के अन्य नामजद आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। इसमें पुलिस की भी मेहरबानी रही। पिंटू सेंगर इस केस की फाइल को खुलवाने में लगे थे।
इसलिए पिंटू सेंगर की हत्या की साजिश में सऊद अख्तर भी शामिल हुआ। पिंटू ने सीमाराम कुरील के परिजनों की पैरवी भी कर रहे थे। रंजिश की ये बड़ी वजह रही थी। जाजमऊ में 2010 में सीमाराम कुरील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वजह सिर्फ इतनी थी कि सीमाराम के कुत्ते ने शीबू व शेरू नाम के शख्स पर भौंका था। हत्याकांड में पुसिल ने शेरू, शीबू, रौशन लारी और सऊद अख्तर समेत अन्य कई पर केस दर्ज किया था।
पिछले साल इस केस में कोर्ट ने हत्यारोपियों को उम्र कैद की सजा भी सुना दी। मगर सऊद अख्तर पर अब तक काई कार्रवाई नहीं की। पिंटू सेंगर हत्याकांड के पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने बताया कि उस केस में सऊद के खिलाफ वारंट जारी हुआ था और कुर्की भी हुई थी। बाद में उसके खिलाफ चार्जशीट भी लगी। मगर उसमें वो जेल नहीं गया। न तो पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया था और न ही उसने सरेंडर किया था।