सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और रेशम, निर्यात मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा है कि कानपुर क्षेत्र को होजरी एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार बड़ी कार्ययोजना तैयार कर रही है।
वे रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लाल इमली को फिर से चलवाने के लिए प्रदेश सरकार एक प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजेगी। इसमें मिल के महत्व और इससे जुड़े लोगों की जरूरतों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कानपुर होजरी व्यवसाय का बड़ा स्थान है। यहां पर इससे जुड़े कामगारों की संख्या हजारों में है। इसी तरह प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी होजरी को लेकर बड़ी योजना बनाई जाएगी। रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्होंने पूर्वांचल और सहारनपुर क्षेत्र को विकसित करने की बात कही है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों में रेशम उत्पादन अधिक होता है।
इसी तरह वाराणसी को भी होजरी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रदेश सरकार छोटे उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देगी। साथ ही स्वरोजगार से भी युवाओं को जोड़ा जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि खादी के शोरूम अब अपने निजी भवन में शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। साथ ही खादी वस्त्रों को तैयार करने के लिए भी बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम देेने की योजना है।