शनि भगवान गुरुवार को धनु राशि में प्रवेश करेंगे। शनि ने कुछ समय के लिए 26 जनवरी 2017 को धनु राशि में प्रवेश किया था लेकिन 6 अप्रैल को वक्री हो गए थे। वक्र गति में रहते हुए वृश्चिक राशि में पुन: पहुंच गए थे। अब मार्गी होते हुए ज्येष्ठा नक्षत्र में वह 26 अक्तूबर को धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यहां 24 जनवरी 2020 तक रहेंगे।
ज्योतिष विशारद पंडित विधुशेखर पांडेय ने बताया कि शनि को धीरे चलने वाला ग्रह माना गया है। इसलिए इन्हें शनै चर: भी कहते हैं। धनु राशि इनके शत्रु ग्रह बृहस्पति की राशि है। शनि के धनु राशि में प्रवेश करने से वृश्चिक, धनु और मकर राशि वालों पर साढ़े साती चलेगी। तुला राशि वालों की साढ़े साती खत्म हो जाएगी। शनि धनु राशि में प्रवेश करते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शत्रुता तथा युद्ध का माहौल बना देंगे। प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेगी। धनु राशि अग्नि तत्व की राशि है तथा शनि जल तत्व एवं शीतलता से संबंधित है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े राजनैतिक अथवा आर्थिक परिवर्तन होंगे। सोना, चांदी, कच्चा तेल, लोहा आदि के मूल्यों में मंदी का अंत होगा। रियल स्टेट एवं निर्माण संबंधी व्यापारों में बढ़ोत्तरी होगी। पंडित केए दुबे पद्मेश ने बताया कि शनि लोकत्रंत का कारक ग्रह है। 2020 तक देश के अनेक पदों में परिवर्तन कराएगा। कम से कम 3 राज्यों के मुख्यमंत्री या राज्यपाल बदलेंगे। कई मंत्री चुनाव हारेंगे और नए चेहरे और नए राजनैतिक लोगों के लिए लाभकारी होगा।
डेमो पिक
इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव
मेष - अशुभ कारक है, खर्चों में वृद्धि
वृष - कार्य क्षेत्र में बढ़ोत्तरी, अविविवाहित लोगों के लिए विवाह संबंधी वार्ता
मिथुन - पारिवारिक जीवन में क्लेश तथा कर्ज में वृद्धि
कर्क - विपरीत राजयोग बनेगा तथा आय के नए स्रोत बनेंगे
सिंह - व्यापारिक सफलता तथा आय के नए स्रोत बनेंगे
कन्या - कष्टप्रद, बीमारियों में वृद्धि
तुला - बहुत ही शुभ है, पदोन्नति
वृश्चिक- बीमारी में वृद्धि, मकान क्रय-विक्रय के योग
धनु - स्वास्थ्य में गिरावट तथा कानूनी अड़चनें
मकर - आमदनी में बढ़ोत्तरी, स्थान परिवर्तन से लाभ
कुम्भ - अविवाहित लोगों के लिए विशेष लाभ, साझे से लाभ
मीन - घर की महिलाओं को कष्ट, विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा
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कुछ उपाय
- शनि शंख में रखकर जल का सेवन करें
- शनिवार को अपने वजन का एकांश काले तिल का दान तथा सरसों के तेल का दान करें
- शनि स्तोत्र का रोजाना पाठ करें
-पीपल के पेड़ पर हर शनिवार दीपक जलाएं