शनि भगवान हर वर्ष लगभग तीन माह के लिए वक्री हो जाते हैं। इस वर्ष भी शनि धनु राशि में वक्री चल रहे हैं जो 18 सितंबर को पुन: मार्गी हो जाएंगे। इसी मार्गी गति में 27 जनवरी 2020 को धनु राशि छोड़कर अपनी स्वा राशि मकर में प्रवेश करेंगे।
डॉ. आदित्य पांडेय और ज्योतिषाचार्य प्रशांत गुप्ता ने बताया कि जिन राशियों में शनि की कृपा दृष्टि न हो वे लोग शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। साथ ही मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान शनि प्रसन्न होेंगे।
यदि सुंदरकांड नहीं कर सकते हैं तो पितृ पक्ष तक लगातार माता-पिता की सेवा करें और उन्हें मनपसंद वस्तुएं खिलाएं। ऐसा करने पर भी भगवान शनि की कृपा दृष्टि बनी रहेगी।
राशियों पर असर
मेष - सरकारी उत्पीड़न, आर्थिक नुकसान
वृष - जनवरी तक धन हानि, दुर्घटना योग, कुछ लाभ
मिथुन - भाग्य का साथ मिलना प्रारंभ, स्वास्थ्य में कष्ट
कर्क - कर्ज में वृद्धि, मुकदमों में कष्ट, रोग वृद्धि
सिंह - धन वृद्धि, शिक्षा वृद्धि, विवाह कार्य में संपन्नता
कन्या - भूमि कार्य में तेजी, वाहन योग, रोग वृद्धि
तुला - साहस से कार्य पूरे, भाग्य में रुकावट, पेट रोग वृद्धि
वृश्चिक - कर्ज में वृद्धि, आर्थिक हानि, मेडिकल खर्च में वृद्धि
धनु - मानसिक चिंता, सरकारी नौकरी के अवसर
मकर - धन व्यय में कमी, स्वास्थ्य से परेशानी, गुप्त शत्रु से सावधान
कुंभ - धन वृद्धि, विद्या में रुकावट, प्रेम संबंध में कमी, विवाह में तेजी
मीन - नौकरी में सफलता, भाग्य में वृद्धि, सफलता मिलेगी