संजीत के हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने संजीत की हत्या करने के बाद शव को गुजैनी के पास पांडु नदी में ठिकाने लगाया था। इस पर पुलिस ने संजीत का शव बरामद करने के लिए नहर में तलाश शुरू की। 24 घंटे बीतने के बाद भी शव का पता नहीं चल सका है।
संजीत अपहरण कांड के पांच आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार दोपहर को हिरासत में लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने संजीत की हत्या कर शव ठिकाने लगाने की बात भी कबूल कर ली। शव बरामद न होने की वजह से पुलिस परिजनों को यह सच्चाई बताने से बचती रही। एक तरफ एसएसपी ने शव को बरामद करने के लिए रात में ही पांडु नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
दूसरी ओर बर्रा इंस्पेक्टर परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंचे, जहां बातचीत के दौरान संजीत की मौत की भनक परिजनों को लगने के बाद एसएसपी ने घटना की पुष्टि कर दी। रात भर एक टीम शव का पता लगाने में जुटी रही। शुक्रवार की सुबह टीम ने स्टीमर की मदद से जाल और कांटे से करीब 15 किमी. तक पांडु नदी को खंगाला।
इसके बाद एसएसपी ने स्टीमर सहित दो टीमें और बढ़ा दीं। शाम तक पुलिस स्टीमर से गुजैनी से लेकर बिधनू साढ़ तक नदी के कई चक्कर लगाकर शव का पता लगाने में जुटी रही। हालांकि अब तक शव नहीं मिल सका है।
अधिकारी पल-पल की लेते रहे जानकारी
संजीत का शव बरामद करने को लेकर पुलिस अधिकारियों पर दबाव साफ देखने को मिला। एसएसपी से लेकर सीओ तक पल-पल टीमों को फोन कर पूछते रहे ‘ क्या संजीत का शव मिल गया...’ लेकिन, हर बार मायूसी ही हाथ लगी।
वहीं, संजीत का शव न मिलने तक मां कुसुमा देवी ने कुछ भी न खाने-पीने की जिद्द ठान ली। बहन रुचि ने पुलिस से कहा मेरे भाई को जिंदा खोज नहीं पाए, कम से कम उसका शव तो दिखला दो...। मां और बहन की हालत देखकर अधिकारियों के भी चेहरों पर मायूसी देखने को मिली।