भाजपा को संघ की कसौटी पर कसने के साथ-साथ रणनीतिक कौशल भी संघ जैसा बनाने के लिए नया प्रयोग चल रहा है। इसका परिणाम भी बेहतर माना जा रहा है। इसी कड़ी में 10 से 15 युवा प्रांत प्रचारकों की टीम को भाजपा में शामिल करने की तैयारी है। संघ की तरफ से यह फैसला विजयवाड़ा (आंध्रप्रदेश) में हुई प्रचारकों की बैठक में लिया गया है। इसकी घोषणा अक्तूबर में दिवाली पूजन के समय की जा सकती है। फिलहाल, संघ के स्वयंसेवक और भाजपाई मंगलवार से शुरू हुए ध्वज पूजन में व्यस्त हैं।
वर्ष 2014 से संघ और विश्व हिंदू परिषद की तरह भाजपा कार्यकर्ताओं का भी प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाने लगा है। इससे पहले सिर्फ कार्यकर्ता सम्मेलन ही होते थे। बुधवार को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग चित्रकूट में हुआ। भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में भी उन्हीं विषयों पर पार्टी के वरिष्ठ लोग आकर अपना बौद्धिक देते हैं, जिन विषयों पर स्वयं सेवकों के बीच समय-समय पर मंथन किया जाता है। संघ से भाजपा में आने की परंपरा नई तो नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रांत प्रचारकों को भाजपा में लाने की योजना पहली बार बनी है। कहा जा रहा है कि संघ और भाजपा मिलकर आगामी वर्षों के लिए देश के सभी राज्यों में अपनी सरकार बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
धन संग्रह के लिए ध्वज पूजन
वर्ष में एक बार करीब एक महीने के लिए संघ का ध्वज पूजन कार्यक्रम चलता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुए इस आयोजन के तहत संघ की विचारधारा को मानने वाले लोग संघ के ध्वज को प्रणाम करके अपनी क्षमता अनुसार दान भी करते हैं। इस दान से संघ की गतिविधियों को संचालित करने में सहयोग मिलता है।